हनुमानगढ़ नगर निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर हनुमानगढ़ जिले में नामांकन प्रक्रिया तेज हो गई है। आठ नगरीय निकायों के 290 वार्डों के लिए अब तक 593 दोवेदारों ने कुल 726 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इनमें अकेले शनिवार को 612 नामांकन पत्र जमा हुए, जबकि गुरुवार को 114 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान के निर्देशों के अनुसार नामांकन प्रक्रिया जारी है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त निर्धारित है। रावतसर में सबसे ज्यादा 165 नामांकन उप जिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) उम्मेदी लाल मीना ने बताया कि नगर परिषद हनुमानगढ़ में 89 दोवेदारों के 104 नामांकन पत्र, संगरिया में 93 दोवेदारों के 107 नामांकन पत्र, नगरपालिका टिब्बी में 44 दोवेदारों के 48 नामांकन पत्र, रावतसर में 113 दोवेदारों के 165 नामांकन पत्र, भादरा में 94 दोवेदारों के 106 नामांकन पत्र, नोहर में 70 दोवेदारों के 70 नामांकन पत्र, गोलूवाला में 9 दोवेदारों के 9 नामांकन पत्र तथा पीलीबंगा में 81 दोवेदारों के 117 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। 31 अगस्त तक नामांकन का मौका नगर निकाय आम चुनाव-2026 के कार्यक्रम के अनुसार सदस्य पद के लिए लोक सूचना गुरुवार को जारी की गई थी। नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त (सोमवार) है। इसके बाद 1 सितंबर (मंगलवार) को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 3 सितंबर (गुरुवार) दोपहर 3 बजे तक निर्धारित की गई है। चुनाव चिन्हों का आवंटन 4 सितंबर (शुक्रवार) को किया जाएगा। 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान जिले में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण में 9 सितंबर 2026 (बुधवार) को मतदान होगा। इसमें नगर पालिका नोहर के 40 वार्ड, भादरा के 40 वार्ड, संगरिया के 35 वार्ड, टिब्बी के 20 वार्ड और रावतसर के 35 वार्ड शामिल हैं। वहीं दूसरे चरण में 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इस चरण में नगर परिषद हनुमानगढ़ के 60 वार्ड, नगर पालिका गोलूवाला के 25 वार्ड और पीलीबंगा के 35 वार्डों के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 14 सितंबर को होगी मतगणना दोनों चरणों में मतदान के बाद 14 सितंबर 2026 (सोमवार) को मतगणना संपन्न होगी। नामांकन के आंकड़ों से स्पष्ट है कि शनिवार को प्रत्याशियों ने बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल किए हैं। अब 31 अगस्त तक नामांकन के लिए शेष समय में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।