टोंक जिले के 10 नगरीय निकायों के चुनाव में इस बार कांग्रेस और भाजपा ने युवाओं तथा नए चेहरों पर अधिक दांव खेला है। हालांकि कांग्रेस ने टिकट वितरण में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी युवाओं को देने की बात कही थी, लेकिन उम्मीदवारों की सूची में यह दावा पूरी तरह नजर नहीं आया। दोनों प्रमुख दलों ने 18 से 35 वर्ष आयुवर्ग के सीमित संख्या में ही प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। जिले के 10 निकाय क्षेत्रों में करीब 2 लाख 21 हजार मतदाताओं में से लगभग 1 लाख 38 हजार मतदाता 18 से 35 वर्ष आयुवर्ग के हैं। इसके बावजूद कांग्रेस ने इस आयुवर्ग के 19 तथा भाजपा ने 22 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। सबसे बड़े नगरीय निकाय नगर परिषद टोंक के 60 वार्डों में भी दोनों दलों ने युवाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया है। भाजपा ने 18 से 35 वर्ष आयुवर्ग के 22 तथा कांग्रेस ने 19 उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। वहीं 40 से 50 वर्ष आयुवर्ग में भाजपा के 13 और कांग्रेस के 9 उम्मीदवार हैं। 50 से 60 वर्ष आयुवर्ग में कांग्रेस के 14 तथा भाजपा के 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्याशियों की संख्या दोनों दलों में लगभग बराबर है। इस बार टिकट वितरण की खास बात यह है कि दोनों दलों ने पुराने राजनीतिक चेहरों के बजाय नए उम्मीदवारों को अधिक अवसर दिया है। अधिकांश प्रत्याशी व्यापारी, रियल एस्टेट और बिजनेसमैन वर्ग से जुड़े हुए हैं। ऐसे में चुनावी मुकाबले में युवा मतदाताओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।