शहर का वार्ड 21 इस बार खासी चर्चा में है। इसकी वजह है कि इस वार्ड से कांग्रेस और भाजपा ने अपने बड़े चेहरों को मैदान में उतारा है। यह वार्ड वैसे कांग्रेस का रहा है। पिछले चुनाव में यह वार्ड कांग्रेस के पास था। तब यह वार्ड नंबर 17 था। कांग्रेस की शाकिरा पार्षद बनी थीं। उन्होंने निर्दलीय निशा को 384 वोटों से हराया था। नए परिसीमन के बाद इस वार्ड का सियासी समीकरण बदल गया है। परिसीमन में वार्ड 17 व 27 को तोड़कर 21 नंबर बनाया गया है। अब इस वार्ड में जातीय समीकरण भी बदल गए हैं। वार्ड में अल्पसंख्यक मतदाताओं के साथ ही अन्य जातियां, सवर्ण वर्ग, रैगर समाज के मतदाता निर्णायक हैं। कांग्रेस ने इस वार्ड में निवर्तमान पार्षद शाकिरा के पति, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उमर कुरैशी को टिकट दिया है। भाजपा ने वरिष्ठ नेता गुलझारीलाल शर्मा को मैदान में उतारा है। दोनों के बीच रोचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। लेकिन यहां मुमताज मणियार, जुबेर काजी व ओमप्रकाश चावला ने निर्दलीय के रूप में दोनों ही दलों की बेचैनी बढ़ा दी है। मुमताज व जुबेर कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ओमप्रकाश चावला भाजपा के वोटबैंक में सेंध लगा सकते हैं। इसलिए निर्दलीयों को मनाने का प्रयास किया जा रहा है।