भारतीय सेना को शनिवार को चेन्नई और बिहार के गया स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमियों (ओटीए) से 595 नए अधिकारी मिले। इनमें कुल 64 महिला अधिकारी भी सेना में शामिल हुईं। चेन्नई में 342 भारतीय कैडेट सैन्य अधिकारी बने। इनमें 29 महिलाएं शामिल हैं। साथ ही, मित्र देशों के 17 कैडेटों ने भी प्रशिक्षण पूरा किया, जिनमें 10 महिलाएं हैं। वहीं, गया अकादमी की 29वीं परेड में 253 कैडेट सेना में अधिकारी बने। इनमें 218 पुरुष और 35 महिलाएं हैं। यूपी: सात बार असफल होने के बाद भी शारदेंदु ने हार नहीं मानी, 8वीं बार सफल अमेजन में 46 लाख रुपए का पैकेज छोड़कर लखनऊ के नीलमथा निवासी 27 वर्षीय शारदेंदु तिवारी भारतीय सेना में अफसर बने हैं। वे ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) गया से अधिकारी के तौर पर कमीशन होंगे। शारदेंदु 7 बार असफल हुए, लेकिन 8वें प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली। शारदेंदु के पिता मानद कैप्टन राजकुमार तिवारी ने आर्मी सर्विस कोर में 36 साल तक सेवा दी है। शारदेंदु ने हरियाणा के चंडीमंदिर सेंट्रल स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीई और कंप्यूटर साइंस में एमटेक किया। केरल: आथिरा ने इंजीनियरिंग के बाद मिली जॉब छोड़ी, पिता बने सेना में जाने की प्रेरणा केरल के कालीकट की रहने वाली आथिरा सुरेश ने आईआईटी-जेईई पास करने और एनआईटी कालीकट से इंजीनियरिंग करने के बाद एक्सॉनमोबिल कंपनी में शानदार नौकरी की थी। उनके पिता नायक सुरेश सिग्नल कोर में थे, जिनसे प्रेरणा पाकर आथिरा ने सेना में जाने का फैसला किया। उन्होंने पहले ही प्रयास में एसएसबी परीक्षा पास की और ओटीए गया में ट्रेनिंग पूरी की। आज उन्हें भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिल गया है। आथिरा का कहना है कि आर्मी जॉइन करना उनके लिए कोई ‘बैकअप प्लान’ नहीं था। यह उनका सोच-समझकर लिया गया फैसला था। वे पहले ही सेना में जाने का मन बना चुकी थीं।