जयपुर के आराध्य गोविंददेव जी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस दिन शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे,लेकिन सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ गोविंददेवजी मंदिर में उमड़ने की संभावना है। कल ठाकुरजी के 13 घंटे दर्शन होंगे। तड़के 4 बजे मंगला झांकी के साथ मंदिर के पट खुलेंगे और रात 10:30 बजे तक अलग-अलग झांकियों के माध्यम से दर्शन होंगे। इसके बाद मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, तिथि पूजा और अभिषेक के आयोजन होंगे। पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक को लेकर विशेष इंतजाम जन्माष्टमी के दिन भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर में प्रवेश से लेकर दर्शन के बाद बाहर निकलने तक श्रद्धालुओं को करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मेट्रो सहित सार्वजनिक परिवहन के उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करने और घर से निकलने से पहले यात्रा की पूरी योजना बनाने की अपील की है। सिर्फ तय रास्ते से ही मिलेगी एंट्री भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर में एंट्री केवल जलेब चौक की ओर बांदरवाल गेट से निर्धारित रास्ते से ही मिलेगा। अन्य रास्तों से प्रवेश बंद रहेगा। जलेब चौक से श्रद्धालुओं के लिए तीन अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं। इनमें पास वाले श्रद्धालु, बिना जूते-चप्पल आने वाले श्रद्धालु और जूते-चप्पल पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग कतारें रहेंगी। मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी। इसके लिए पुरानी विधानसभा के पास जूते-चप्पल स्टैंड बनाया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि संभव हो तो बिना जूते-चप्पल के ही दर्शन के लिए आएं, ताकि प्रवेश व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके। आने और जाने के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद, मेट्रो से आने की सलाह भारी भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए जयपुर की चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की आवाजाही बंद रहेगी। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करने और मेट्रो से आने को प्राथमिकता देने की अपील की है। निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जैम सिनेमा के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने विशेष रूप से रामनिवास बाग पार्किंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है। पार्किंग से मंदिर तक श्रद्धालुओं को पैदल ही जाना होगा। क्यूआर कोड से मिलेगी ट्रैफिक और पार्किंग की जानकारी यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सुविधा भी जारी की है। क्यूआर कोड स्कैन करने पर श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर नजदीकी पार्किंग स्थल, लाइव पार्किंग की स्थिति, ट्रैफिक डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और लोकल मैप की जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि घर से निकलने से पहले इस सुविधा का उपयोग कर अपनी यात्रा का मार्ग और पार्किंग पहले से तय कर लें। 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 3 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। मंदिर परिसर को 12 सेक्टरों में बांटा गया है और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तीन पारियों में लगाई जाएगी। एडिशनल डीसीपी, एसीपी, आरएसी की कंपनियों के साथ घुड़सवार पुलिस भी तैनात रहेगी। सुरक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरों और एआई आधारित कैमरों से निगरानी की जाएगी। फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। मंदिर प्रशासन और अन्य संस्थाओं की ओर से करीब 3 हजार स्वयंसेवक और 150 स्काउट सेवा में लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं। दर्शन और व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी देने के लिए मंदिर परिसर में 13 एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं। रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्म, 31 तोपों की हवाई गर्जना दिनभर दर्शन के बाद रात में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की विशेष तैयारियां रहेंगी। मंदिर के मुख्य सेवादार मानस गोस्वामी के अनुसार रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा होगी। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की जाएगी। इसके बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक होगा। अभिषेक के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं। पंचामृत अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का इस्तेमाल किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्म के बाद 5 सितंबर की मध्यरात्रि में विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे। मंगला आरती रात 11 से 11:15 बजे तक और इसके बाद तिथि पूजा व अभिषेक रात 12 से 12:30 बजे तक आयोजित होंगे।