जयपुर में नगर निगम चुनाव में पार्षद बनने के लिए किस्मत, आजमा रहे भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों में कई दंगे और चोरी के भी आरोपी हैं। वहीं, कुछ प्रत्याशियों पर लापरवाही से गाड़ी चलाने, जबर्दस्ती घर में घुसकर हमला करने और सरकारी कर्मचारियों से मारपीट के भी केस दर्ज हैं। दोनों दल के 298 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, इनमें से 6% यानी 17 पर आपराधिक केस दर्ज हैं। इसकी जानकारी उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में दी है। वार्ड-118 से कांग्रेस की महिला प्रत्याशी सुनीता गुप्ता मावर पर एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज है। इन उम्मीदवारों पर कुछ केस अभी जांच या ट्रायल में हैं, वहीं कुछ मामलों में कोर्ट दोष सिद्धि का फैसला भी सुना चुका है। भाजपा प्रत्याशी पर चोरी का केस वार्ड-29 से बीजेपी उम्मीदवार महादेव बागड़ा के खिलाफ चोरी करते हुए किसी व्यक्ति के लिए मौत का खतरा पैदा करने का केस दर्ज है। बागड़ा पर अलग-अलग 5 धाराओं (IPC की धाराएं 427, 143, 382, 323, 371) के तहत मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। वार्ड-97 से बीजेपी उम्मीदवार शशि कुमार शर्मा के खिलाफ चोरी का केस दर्ज है। कांग्रेस की सुनीता मावर पर एससी-एसटी केस इधर वार्ड-118 से कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता गुप्ता पर SC/ST एक्ट की धारा 3(2), 3(1) और 3(1) के तहत मामला दर्ज है। सुनीता पर धमकी समेत कुल चार अलग-अलग धाराओं में केस पेंडिंग हैं। वार्ड-11 से बीजेपी प्रत्याशी शैलेंद्र शर्मा पर धारा 126(2) और धारा 115(2) के तहत गंभीर चोट पहुंचाना जैसे दो मामले लंबित हैं। वार्ड-44 कांग्रेस उम्मीदवार विनय प्रताप भोपार पर अलग-अलग 5 धाराओं में केस कोर्ट में पेंडिंग हैं। इसमें विनय प्रताप पर आईपीसी की धारा 332 और 353 के तहत सरकारी कर्मचारी पर हमला करने का केस दर्ज है। वार्ड-57 से कांग्रेस प्रत्याशी शंकर आकड़ पर भी अलग-अलग कुल 5 धाराओं में केस दर्ज हैं। जिसमें आईपीसी की धारा 324 के तहत खतरनाक चोट पहुंचाने का आरोप है।