जालोर में फसल की रखवाली के लिए खेत के चारों ओर लगाए लोहे के तारों में फंसने से एक लेपर्ड की मौत हो गई। तारों में उलझने के बाद वह घंटों तक उनसे निकलने के लिए छटपटाता रहा। कभी जोर-जोर से उछलता तो कभी दहाड़ता रहा। इस दौरान उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी और लेपर्ड को बचाने के लिए जोधपुर से रेस्क्यू टीम बुलाई गई, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही लेपर्ड ने दम तोड़ दिया। वन विभाग की टीम शव को रामसीन वन चौकी लेकर पहुंची, जहां पोस्टमार्टम किया गया। घटना आजबर रोड से बीठन रोड के बीच स्थित एक खेत में रविवार रात से सोमवार सुबह के बीच हुई। पहाड़ियों से आया लेपर्ड खेत तक पहुंचा रेंजर प्रवीण सिंह ने बताया - लेपर्ड रविवार (6 सितंबर) रात को जवाई बांध या फिर सिरोही से आजबर रोड से बीठन रोड की तरफ पहुंचा। यहां एक खेत में खड़ी फसल की रखवाली के लिए चारों ओर लोहे के तार लगाए गए थे। लेपर्ड का पैर और शरीर इन्हीं तारों में बुरी तरह उलझ गया। इसके बाद वह निकलने के लिए घंटों तक छटपटाता रहा। काश्तकार ने लेपर्ड को दहाड़ते देखा सोमवार (7 सितंबर) की सुबह करीब 5.30 बजे खेत पर मजदूरी कर रहे काश्तकार बगाराम भील शौच के लिए निकले। इसी दौरान उन्होंने कुछ ही दूरी पर लेपर्ड को तारों में फंसा हुआ और दहाड़ते देखा। घबराकर बगाराम वहां से भागे और खेत मालिक को इसकी सूचना दी। खेत मालिक ने वन विभाग और पुलिस को जानकारी दी। वन विभाग की टीम पहुंची, जोधपुर से रेस्क्यू टीम बुलाई मौके पर बनाए गए वीडियो में लेपर्ड तारों में बुरी तरह जकड़ा हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलने पर उपवन संरक्षक जालोर जयदीप सिंह, एसीएफ रानीवाड़ा सूर्यप्रताप सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रवीण सिंह और नाका प्रभारी शैलेन्द्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बचने के लिए घंटों तक जोर लगाता रहा लेपर्ड DFO जयदेव सिंह चारण ने बताया- रेस्क्यू के संसाधन नहीं होने के कारण सुबह करीब 6 बजे वन विभाग ने जोधपुर रेस्क्यू टीम को सूचना दी। बताया गया कि जोधपुर से रेस्क्यू टीम को आने में करीब 4 घंटे लगेंगे। इस बीच मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार लेपर्ड जिंदा रहने तक तारों से निकलने के लिए लगातार जोर लगाता रहा। वह कभी जोर-जोर से उछलता तो कभी दहाड़ता था। उसके उछलने और दहाड़ने से आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग भी दहशत में आ गए। रेस्क्यू टीम सुबह करीब 10 बजे मौके पर पहुंची, उससे पहले ही लेपर्ड की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे जालोर एसपी शैलेन्द्र सिंह और भीनमाल डीएसपी शंकरलाल ने भी स्थिति का निरीक्षण किया। शव रामसीन वन चौकी ले जाया गया, पोस्टमार्टम किया निरीक्षण के दौरान लेपर्ड की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम शव को रामसीन वन चौकी लेकर आई। यहां टीम ने लेपर्ड के शव का पोस्टमार्टम किया। रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही उसकी जान चली गई। --- लेपर्ड की ये खबर भी पढ़ें … कोटा में पेड़ पर 40 फीट ऊंचाई पर बैठा लेपर्ड:सीबी गार्डन में मॉर्निंग वॉक करने पहुंचे लोगों में दहशत, रेस्क्यू की तैयारी कोटा में शहर के बीचों-बीच लेपर्ड के पहुंचने से दहशत फैल गई। नयापुरा थाना क्षेत्र स्थित सीबी गार्डन में सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान लोगों ने एक लेपर्ड को पेड़ पर बैठे देखा। पूरी खबर पढ़िए नीमकाथाना में 23 घंटे बाद लेपर्ड का रेस्क्यू,VIDEO:वन विभाग की टीम पर हमले की कोशिश, जयपुर से पहुंची टीम ने किया ट्रेंकुलाइज; मौत सीकर जिले के नीमकाथाना में एक दिन बाद लेपर्ड का वन विभाग ने रेस्क्यू कर लिया है। महावा गांव की दुर्गा वाली ढाणी में लेपर्ड आ गया था। पूरी खबर पढ़िए