झालावाड़ के राजकीय विधि कॉलेज में गुरुवार को 'नई किरण नशामुक्ति अभियान' के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। साथ ही, उन्होंने समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प भी लिया। 'नई किरण नशा मुक्ति केंद्र' की प्रभारी और सहायक आचार्य डॉ. ममता चांवला ने बताया कि इस अभियान का मकसद युवाओं को नशे के नुकसान के बारे में बताना है। इसका उद्देश्य उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना भी है। कॉलेज के प्राचार्य राकेश मीना ने छात्रों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक बुरे प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य पर असर डालने के साथ-साथ उसके परिवार को भी मुश्किल में डाल देती है। 'नई किरण नशामुक्ति केंद्र' की समन्वयक ने बताया कि कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने यह संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे खुद नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी नशे से बाहर निकालने की हरसंभव कोशिश करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि "नशा नाश का द्वार है" और इससे बचने के लिए जागरूकता सबसे जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि तंबाकू, शराब और दूसरे नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। इससे परिवार में तनाव, पैसों की दिक्कत और सामाजिक समस्याएं भी पैदा होती हैं। कॉलेज प्रशासन ने जानकारी दी कि परिसर में तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह से बंद है। उन्होंने छात्रों से नशामुक्त माहौल बनाए रखने में मदद करने की अपील की।