झालावाड़ में मंगलवार को पशुपालक और किसान संघ ने दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक शहर के खंडिया क्षेत्र में इकट्ठा हुए और रैली के रूप में मिनी सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और दूध के दामों में बढ़ोतरी के आदेश जारी करने की मांग की। पशुपालकों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 2 सितंबर से वे दूध का वितरण बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि सभी पशुपालक और किसान संघ धरने पर बैठेंगे, जिससे आम लोगों को परेशानी हो सकती है। ज्ञापन में पशुपालकों ने बताया कि पशुपालन अब लगातार मुश्किल और महंगा होता जा रहा है। चारे की बढ़ती कीमतों ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। सूखा और हरा चारा, खल, चुनी और दाने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा पशुओं की चिकित्सा, डॉक्टर की फीस और रखरखाव का खर्च भी बढ़ गया है। ऐसे में पुराने दामों पर दूध बेचने से उन्हें लागत भी नहीं मिल पा रही है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। पशुपालकों ने सरकार से मांग की है कि उनके हितों को देखते हुए दूध और दुग्ध उत्पादों के नए और सही दाम तय किए जाएं। उन्होंने 12 रुपए प्रति लीटर फैट, गाय का दूध 80 रुपए प्रति लीटर और भैंस का दूध 100 रुपए प्रति लीटर करने की मांग की। इसके साथ ही देसी घी का दाम 1000 रुपए प्रति किलो और गाय के घी का दाम 1500 रुपए प्रति किलो तय करने की मांग भी रखी गई। पशुपालकों का कहना है कि दूध की दरों में बढ़ोतरी से उन्हें बढ़ती लागत से राहत मिलेगी। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेकर आदेश जारी किए जाएं।