झालावाड़ जिले में नगरीय निकाय आम चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सोमवार को मतदान दलों का प्रथम रेण्डमाईजेशन किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की उपस्थिति में एनआईसी कक्ष में हुई प्रक्रिया के तहत जिले के 249 मतदान बूथों के लिए कुल 389 मतदान दलों का प्रावधान किया गया है। इनमें 249 मुख्य मतदान दल, 26 रिजर्व दल और 114 अतिरिक्त रिजर्व मतदान दल शामिल हैं। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर रेण्डमाईजेशन के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभुदयाल मीणा और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी महेंद्र कुमार राठौड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, मतदान दलों का निर्धारण निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। किस निकाय के लिए कितने मतदान दल रेण्डमाईजेशन प्रक्रिया के तहत अकलेरा नगर पालिका के लिए 53, भवानीमंडी नगर पालिका के लिए 60, डग नगर पालिका के लिए 34, झालावाड़ नगर परिषद के लिए 80, झालरापाटन नगर पालिका के लिए 54, खानपुर नगर पालिका के लिए 40, मनोहरथाना नगर पालिका के लिए 34 और पिड़ावा नगर पालिका के लिए 34 मतदान दलों का प्रावधान किया गया है। नियुक्ति और प्रशिक्षण समय पर पूरा करने के निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्वाचन आयोग के निर्देशों और निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मतदान दलों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और अन्य निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें। शहर की सफाई से लेकर बिजली-पानी तक, कलेक्टर ने दिए तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश झालावाड़ जिले में नगरीय निकाय आम चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में हुई साप्ताहिक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ आमजन से जुड़ी आवश्यक सेवाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित तैयारियां और दायित्व प्राथमिकता से पूरे करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। शहर में सफाई और गौवंश प्रबंधन पर फोकस जिला कलेक्टर ने नगर परिषद के अधिकारियों को नगरीय क्षेत्र में व्यापक और प्रभावी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और आमजन की आवाजाही वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने तथा इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने सड़कों पर बैठने वाले बेसहारा गौवंशों को हटाने और उनके उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और आमजन को परेशानी न हो। बिजली-पानी की आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश बैठक में जिला कलेक्टर ने विद्युत एवं पेयजल विभाग के अधिकारियों से जिले में निर्बाध विद्युत और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और समस्या सामने आने पर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आमजन की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करते हुए सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। पौधारोपण लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने को कहा जिले में चल रहे पौधारोपण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण के साथ उनकी जीओ टैगिंग करवाने को भी कहा, जिससे अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग हो सके। बांधों के जलभराव की ली जानकारी मानसून को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से जिले के विभिन्न बांधों और जलाशयों में जलभराव की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जल संसाधनों की नियमित निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार सावधानियां और आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। संपर्क पोर्टल की शिकायतों का जल्द हो समाधान बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज आमजन की शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कम से कम समय में शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मौसमी बीमारियों को लेकर तैयार रहने के निर्देश मानसून के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम और उपचार को लेकर भी समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक संसाधन, दवाइयां और उपचार व्यवस्थाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। साथ ही मौसमी बीमारियों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा।