जोधपुर न​गर निगम में पार्षदों का चुनाव अब स्थानीय राजनीति का बड़ा एपिक सेंटर बन चुका है। क्योंकि इस बार के चुनावों में डॉक्टर और इंजीनियर भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसके अलावा Phd की डिग्री लेकर डॉक्टर की उपाधि लेने वाले भी दोनों दलों में ऐसे प्रत्याशी हैं, जो इस बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। वहीं इन चुनावों में जेन-जी भी पीछे नहीं है। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों से दो कॉलेज स्टूडेंट ऐसे भी है, जो पार्षद बनने की रेस में शामिल हो चुके हैं। जहां भाजपा से गायनॉकोलोजिस्ट डॉ. सुगंधा गोयल 22 नंबर वार्ड से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं कांग्रेस में 16 नंबर वार्ड से इंजीनियर आलोक व्यास चुनावी मैदान में हैं। खास बात ये है कि इन दोनों प्रत्याशियों का ये पहला चुनाव है। दोनों दलों में 28 साक्षर, जब​कि 33 प्रत्याशी 10वीं पास भाजपा और कांग्रेस में साक्षर प्रत्याशियों की भी संख्या ज्यादा है। दोनों दलों को मिलाकर करीब 28 साक्षर हैं। यानी 200 में से 14 प्रतिशत प्रत्याशी साक्षर या फिर 5-7वीं तक पढ़े हैं। इनमें साक्षर प्रत्याशियों की सबसे ज्यादा संख्या भाजपा में 15 और कांग्रेस में 13 है। वहीं दोनों पार्टियों में 33 प्रत्याशी 10वीं पास और 29 प्रत्याशी 12वीं पास हैं। 10वीं पास प्रत्याशियों की संख्या दोनों पार्टियों में करीब-करीब बराबर है। कांग्रेस में 17 और बीजेपी में 16 कैंडिडेट ऐसे हैं, जो 10वीं तक पढ़े हैं। वहीं 12वीं पास प्रत्याशियों की सबसे ज्यादा संख्या कांग्रेस में 20 और भाजपा में 9 है। दो कॉलेज स्टूडेंट भी इस बार मैदान में इन निकाय चुनावों की खास बात ये है कि इस बार दो कॉलेज स्टूडेंट भी पार्षद बनने की रेस में शामिल हैं। इनमें 21 साल की सरस्वती प्रजापत और 24 साल की भाग्यश्री हैं। दोनों ने पिछले साल ही अपनी बीए पूरी की और अभी एमए की स्टूडेंट हैं। दोनों ही भाजपा और कांग्रेस में सबसे कम उम्र की प्रत्याशी भी हैं। सरस्वती प्रजापत को कांग्रेस ने 51 नंबर वार्ड से टिकट दिया है। जबकि भाग्यश्री को भाजपा ने 24 नंबर वार्ड से मैदान में उतारा है। डॉक्टर और इंजीनियर पहली बार लड़ रहे हैं चुनाव, एमबीए वाले भी मैदान में डॉ. सुगंधा गोयल जोधपुर के सर्जन डॉ. राम गोयल की बेटी हैं। वह खुद गायनॉकोलोजिस्ट और आईवीएफ स्पेशलिस्ट है। डॉ. सुगंधा का ये पहला चुनाव है। वार्ड नंबर 22 से उनके सामने कांग्रेस के सीनियर नेता प्रदीप गांग हैं, जो मेयर की रेस में भी शामिल हैं। वहीं आलोक व्यास बीटेक की पढ़ाई कर चुके हैं और इलेक्ट्रिक इंजीनियर हैं। आलोक प्राइवेट जॉब करते हैं। उनका भी पहला चुनाव है। वार्ड नंबर 16 में उनका मुकाबला भाजपा के विक्रम सिंह से होगा। इसके अलावा दो एमबीए वाले भी चुनावी मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस से आनंद राठी हैं। वहीं भाजपा से नगेंद्र सिंह हैं। नगेंद्र सिंह के पास एमएससी की भी ​डिग्री है। भाजपा और कांग्रेस से तीन पीएचडी डिग्री वाले कैंडिडेट भी मैदान में हैं। इनमें भाजपा से मनीष शर्मा और नुपूर पुरोहित हैं। वहीं कांग्रेस से मोना राठौड़ हैं। पोस्ट ग्रेजुएट से लेकर ग्रेजुएट और बीएड वालों को भी उतारा मैदान में जोधपुर के निकाय चुनावों में इस बार हायर एजुकेशन लेने वाले उम्मीदवार भी पीछे नहीं है। वे भी पार्षद के चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दोनों पार्टियों से ऐसे करीब 64 प्रत्याशी हैं, जो पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट हैं। इतना ही नहीं कई प्रत्याशियों ने दोनों डिग्रियों के साथ बीएड भी कर रखी है। कांग्रेस में 12 पोस्ट ग्रेजुएट और 16 ग्रेजुएट प्रत्याशी हैं। जबकि भाजपा में पीजी डिग्री वाले 16 और यूजी डिग्री वाले 20 कैंडिडेट हैं। कांग्रेस में यूजी या फिर पीजी के साथ बीएड करने वाले प्रत्याशियों की संख्या पांच है, जबकि भाजपा में ऐसे 6 कैंडिडेट हैं।