जोधपुर में स्थित राजस्थान हाई कोर्ट के भवन निर्माण में गड़बड़ियों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (RSRDC) के अधिकारियों और कंपनी के कर्मचारियों समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दरअसल, हाईकोर्ट भवन के निर्माण में सामने आई कथित खामियों को लेकर साल 2024 में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने निर्माण परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों की भूमिका की पड़ताल की। इन 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में जेके इलेक्ट्रीक कांट्रेक्टर जयपुर के प्रोपराइटर रामेश्वरदयाल खण्डेलवाल (59) पुत्र स्व. मोहनलाल खण्डेलवाल, निवासी मकान नंबर बी-38-39 शंकर विहार, सवाई गेटोर रोड, जयपुर और इसी फर्म के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गोपाललाल खण्डेलवाल (54) पुत्र स्व. मोहनलाल खण्डेलवाल निवासी शंकर विहार, सवाई गेटोर रोड, जयपुर शामिल हैं। इनके साथ ही जितेंद्र शर्मा (55) पुत्र राजा बाबू शर्मा निवासी मकान नंबर ए/2/706 विक्टोरिया पैलेस, शोभावतो की ढाणी, सीएचबी जोधपुर और नवीनचंद्र के राय (67) पुत्र किशोरीलाल निवासी मकान नंबर 20ई/66, सीएचबी जोधपुर को गिरफ्तार किया गया है। एसीपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि हाईकोर्ट भवन निर्माण में खामियों को लेकर वर्ष 2024 में केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। जानिए क्या था पूरा मामला? मामले की शुरुआत राजस्थान हाई कोर्ट के कोर्ट ऑफिसर सेल में तैनात कर्मचारी शरद जोशी की लिखित शिकायत से हुई। रिपोर्ट में बताया गया था कि झालामंड स्थित राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन का निर्माण कार्य RSRDC लिमिटेड द्वारा वर्ष 2008 में शुरू किया गया था और दिसंबर 2019 में इसे कंप्लीट किया गया। लगभग 220 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस भव्य इमारत के रख-रखाव के लिए हर साल 220 लाख का भारी-भरकम बजट भी तय था। इसके बावजूद, हैंडओवर के बाद से ही भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे और एक के बाद एक हादसों की झड़ी लग गई। --- ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर हाईकोर्ट के डोम एरिया में एंट्री पर रोक:एसओजी डीजी को निर्देश- बिल्डिंग निर्माण में अधिकारी-व्यक्ति दोषी तो करें सख्त कार्रवाई जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग की निर्माण गुणवत्ता और संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर चल रही स्वतः संज्ञान याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ ने सोमवार को करीब तीन घंटे तक सुनवाई की। वहीं डोम एरिया में खतरे की आशंका देखते हुए आम लोगों और एडवोकेट की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। (पूरी खबर पढ़ें)