प्रदेश की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) टीम ने 1 लाख रुपए के इनामी कुख्यात तस्कर को जोधपुर से गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की और झाड़ियों में जाकर छिप गया। टीम ने करीब 20 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। टीम ने ऑपरेशन बंशीधर 2.0 के तहत कार्रवाई करते हुए राज्य के टॉप-25 नार्को तस्करों में शामिल आरोपी श्यामसुंदर उर्फ सांवराराम उर्फ सांवरिया (32) निवासी सोमारड़ी, थाना सेड़वा बाड़मेर को गिरफ्तार किया है। आरोपी सांवरिया दो राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में आईजी पुलिस ANTF विकास कुमार की टीम ने 10 महीने के अथक प्रयास और तीन असफल कोशिशों के बाद आखिरकार इस तस्कर को दबोच लिया। फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तारी ANTF आईजी विकास कुमार ने बताया कि जैसे ही उसने पुलिस को देखा, कार नारनाडी गांव के कच्चे रास्ते पर उतार दी। पुलिस ने गाड़ी सामने लगाकर रोकने की कोशिश की तो उसने टक्कर मार दी। इसके बाद वह कार छोड़कर बबूल और झाड़ियों की ओर पैदल भागा, लेकिन ANTF की टीम ने पीछा कर उसे धर दबोचा। 30 से 60 KG अफीम की खेप सांवरिया ने 5 राज्यों की पुलिस को छकाते हुए पूर्वोत्तर से अफीम सप्लाई का बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा था। वह खुद मणिपुर जाकर सेकेंड हैंड कैम्पर गाड़ियां खरीदता था और उनमें 30 से 60 किलोग्राम तक अफीम भरकर राजस्थान लाता था। आरोपी के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, मारपीट और एनडीपीएस एक्ट के 15 मामले दर्ज हैं। 3 बार किस्मत ने दिया साथ, चौथी बार में फंसा पहली बार: सांवरिया अपने रिश्तेदार की बारात में गया था, भनक लगते ही भाग निकला। दूसरी बार: सांचौर की इंद्रा कॉलोनी में रेड पड़ी, साथी पकड़े गए पर सांवरिया बच निकला। तीसरी बार: बारां के पास पुलिस ने कार का पीछा किया, लेकिन सांवरिया अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। चौथी बार : जोधपुर-बाड़मेर रोड पर बिछाए जाल में फंस गया।