कोटा में नगर निगम चुनाव से एक दिन पहले चुनाव ड्यूटी के दौरान पुलिस थाने में ASI राधेश्याम सांखला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ASI पुलिस मोबाइल पार्टी में ड्यूटी पर तैनात थे, इसी दौरान अचानक उनके सीने में दर्द हुआ। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ASI राधेश्याम सांखला (52) की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आई है। ASI राधेश्याम सांखला कोटा के आरके पुरम थाने में तैनात थे। बुधवार से उनकी चुनाव ड्यूटी पुलिस मोबाइल पार्टी में लगाई गई थी और वे सुबह गश्त पर जाने के लिए थाने गए हुए थे। दरअसल, गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे ड्यूटी के दौरान अचानक घबराहट होने लगी और उनके सीने में दर्द हुआ। इसके बाद उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मी और परिजनों ने उन्हें तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम, एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा समेत अन्य पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल में परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। पुलिस ने न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शव रखवाया, जहां परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। एएसआई राधेश्याम सांखला की बड़ी बेटी उत्तर प्रदेश के आगरा से कोटा आ रही है। उसके पहुंचने के बाद शुक्रवार को शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। एएसआई के ड्यूटी के दौरान सीने में हुआ था दर्द आरके पुरम थाना अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि राधेश्याम सांखला की चुनाव मोबाइल पार्टी में ड्यूटी थी। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे राधेश्याम सांखला ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। इस दौरान साथ ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी और परिजन उन्हें तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान करीब 11 से 12 बजे के बीच उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। जबकि उन्हें पहले किसी भी तरह की कोई बीमारी भी नहीं थी। कल भी घबराहट हो रही थी, पैर में भी दर्द था बेटे यमन सांखला ने बताया कि पिता को बुधवार को घबराहट हो रही थी, उनके पैर में भी दर्द था। बुधवार रात करीब 10 बजे वे खाना खाकर सो गए थे। गुरुवार को सुबह ड्यूटी के लिए थाने गए थे, जहां करीब साढ़े 8 बजे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने मुझे फोन किया तो मैं तुरंत थाने पहुंचा, जहां स्टाफ के लोगों की मदद से निजी हॉस्पिटल लेकर गए। हॉस्पिटल में उनकी जांचे हुई, उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया। जहां एक-डेढ़ घंटे बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई। उनके कोई बीमारी नहीं थी। 2-3 महीने पहले एक्सीडेंट में पैर में लगी थी चोट राधेश्याम के बड़े भाई रामचंद्र सांखला ने बताया कि आज सुबह 10 बजे राधेश्याम ने मुझे फोन करके कहा था कि मेरी तबीयत खराब हो गई है और मैं अस्पताल में भर्ती हूं। इसके बाद हम सभी कोटा आए तब तक जानकारी मिली कि उसकी मौत हो गई। उसे किसी भी तरह की कोई बीमारी नहीं थी। चार भाइयों में सबसे छोटा था। वह दो दिन पहले मेरे पास आया था। हमारी मां की तस्वीर लेकर बोला था कि पापा की तस्वीर के पास में जोड़कर लगाएंगे, वह तस्वीर भी नहीं दे पाया। दो-तीन महीने पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उसके पैर में चोट लगी थी। कई बार ड्यूटी के दौरान बहादुरी के काम किए हैं। नहर में कूदी एक महिला को जान पर खेल कर उसने बचाया था। एक युवक को भी 2021 में नहर में से निकाला था। थानाधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक से मौत होना सामने आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएंगे। उत्कृष्ट कार्यों के लिए डीजीपी डिस्क से किया जा चुका था सम्मानित वहीं साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि सांखला बेहद हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के थे। उन्होंने पुलिस सेवा के दौरान कई उल्लेखनीय कार्य किए। ड्यूटी के दौरान उन्होंने चंबल नदी और नहर में डूब रहे तीन-चार लोगों की जान भी बचाई थी। उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया जा चुका था। उन्हें गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिल चुका था। पुलिसकर्मियों ने सांखला के निधन को विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया।