कोटा में ‘भास्कर समाधान’ लोगों के लिए अपनी समस्याओं के समाधान पाने का प्रभावी जन मंच बन गया है। जहां प्रशासन के अधिकारी तक उनकी आवाज सीधे एक पोस्ट से पहुंचती है और उन्हें लंबित समस्याओं के हल घर बैठे ही मिल रहे हैं। इससे प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी भी कम हुई है। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… पोस्ट के बाद ठीक हुई खराब स्ट्रीट लाइट ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने विश्वकर्मा मंदिर मार्ग, विस्तार योजना एक्सटेंशन, महावीर नगर से स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि नए वार्ड 89 में मकान संख्या 2 जी 28 के सामने कोने पर लगी स्ट्रीट लाइट कई दिनों से खराब पड़ी है। इससे आधी गली में अंधेरा रहता है। समस्या पोस्ट होने के बाद निगम ने एलईडी स्ट्रीट लाइट ठीक करवा दी है। एईएन दीक्षान्त मित्तल बने 'पब्लिक के स्टार' 'भास्कर समाधान' पर लाडपुरा से राजकुमार नागर ने पीने के पानी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि मुकुन्दरा विहार स्पेशल आवासीय कॉलोनी 2021 में लॉटरी सिस्टम से केडीए ने ही बसाई थी। लेकिन पांच साल बाद भी कॉलोनी में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। अधिकारियों, राजनेताओं सभी को ज्ञापन देकर समस्या बता चुके हैं। 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट होने के बाद इस समस्या पर एक्शन लेते हुए जलदाय विभाग (जेडीए) के एईएन दीक्षांत मित्तल ने समाधान करवाया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… बिजली के ज्यादा बिल से परेशान उपभोक्ता कोटा के श्रीनाथपुरम के सेक्टर–सी से तेजपाल ने बिजली विभाग के अधिकारियों से अपील की है कि बिल की राशि बहुत ज्यादा आ रही है। इससे आम उपभोक्ता को काफी परेशानी हो रही है। बिजली यूनिट के हिसाब से जो राशि बने वही ली जाए। उन्होंने केईडीएल के अधिकारियों से इस पर ध्यान देने की अपील की है। कोटा ‘प्रवेश द्वार’ ही बदहाल, प्रशासन मौन बूंदी रोड, रिद्धी–सिद्धी नगर, कुन्हाड़ी से भरत सुमन ने चंबल पुलिया रोड की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि चंबल पुलिया को कोटा का ‘प्रवेश द्वार’ माना जाता है। लेकिन यहां सड़क की हालत इतनी खराब है कि हैरानी होती है विभाग इसे ठीक क्यों नहीं करवा रहा। जगही–जगह सड़क उधड़ी पड़ी है, गड्ढों के कारण आए दिन लोग गिर रहे हैं। गली की रोड लाइट खराब, अंधेरे से होती असुविधा रंगबाड़ी के राजकुमार दाधीच ने अपने एरिया की रोड लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने समाधान की अपील करते हुए बताया कि अंधेरे के कारण लोगों को तो असुविधा हो रही है, असामाजिक तत्वों का भी जमवाड़ा बढ़ रहा है। अंधेरे का फायदा उठाकर ऐसे लोग हुल्लड़बाजी करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। जल्द समाधान करवाएं। बीच सड़क सीमेंट का मलबा, न रोड लाइट न सफाई शहीद चंद्रशेखर अफॉर्डेबल हाउसिंग सोसायटी, लार्ज स्केल इंडस्ट्रियल एरिया, डीसीएम रोड से कुमार ने सड़क पर छोड़े गए मलबे की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी में महीनों पहले सीवर प्लांट के पास सीवरेज लाइन डाली गई थी लेकिन उसका बचा हुआ मलबा अब तक नहीं उठाया हे। यह जमकर ठोस हो गया है और बीच सड़क पर होने के कारण अवरोध उत्पन्न कर रहा है। पार्क में भी लाइट नहीं है और कॉलोनी की अधिकांश लाइट्स खराब हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित