कोटा में नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। तीन दिन चली प्रक्रिया में कुल 548 प्रत्याशियों ने 600 नामांकन दाखिल किए। सोमवार को 503 प्रत्याशियों ने 554 नामांकन जमा करवाए। इनमें 300 से ज्यादा निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अब मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच यानी स्क्रूटनी की जा रही है। कलेक्ट्री परिसर में सुबह से ही सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। रिटर्निंग ऑफिसर पांच-पांच वार्ड के प्रत्याशियों को बुलाकर नामांकन पत्रों की जांच करवा रहे हैं। इस दौरान प्रत्याशियों की योग्यता और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एक ही प्रत्याशी की ओर से एक से ज्यादा नामांकन भरे गए हैं तो उनमें से अतिरिक्त नामांकन पत्रों को नियमानुसार खारिज किया जाएगा। नामांकन पत्रों की जांच के बाद दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का समय रहेगा। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि चुनाव मैदान में कितने प्रत्याशी रह गए हैं और कौन-कौन चुनाव लड़ने के योग्य है। इधर, नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही राजनीतिक दलों ने बागियों और अधिकृत प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचा रहे निर्दलीय उम्मीदवारों को मनाने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार रात से ही नेताओं ने ऐसे प्रत्याशियों से संपर्क शुरू कर दिया था। पार्टी सिंबल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होगी। जिस प्रत्याशी ने पार्टी के अधिकृत सिंबल पर नामांकन दाखिल किया था, लेकिन निर्धारित समय तक उसे सिंबल नहीं मिला, तो उसका पार्टी वाला नामांकन खारिज हो सकता है। हालांकि, यदि उसने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भी नामांकन दाखिल किया है और वह वैध पाया जाता है, तो निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का रास्ता खुला रहेगा।