कोटा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 7 प्रत्याशियों ने पार्षद की दावेदारी छोड़ दी है। 3 वार्डों के 7 प्रत्याशियों ने टिकट से नाम वापस ले लिया है। दावेदारों का कहना है अन्य कार्यकर्ताओं से जानबूझकर आवेदन करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि संगठन में एकजुटता बनाए रखने और अन्य जमीनी कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का अवसर देने के चलते दावेदारी से नाम वापस लिया है। कांग्रेस के 7 प्रत्याशियों ने पार्षद की दावेदारी छोड़ी कांग्रेस के शहर ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष दीपक नामदेव सहित उनकी टीम के छह अन्य कार्यकर्ताओं ने पार्षद चुनाव के लिए दिए अपने आवेदन वापस लिए हैं। वार्ड 74 से 3, वार्ड 33 से 2 और वार्ड 34 से 2 दावेदारों ने आवेदन वापस लिया है। दीपक नामदेव के साथ उनकी टीम के विनोद मौर्य, जितेंद्र रामावत, रविंद्र कुमार, सौरभ सेन, धर्मेंद्र जैन और मेदनी सेन ने भी अपने-अपने वार्डों से पार्षद चुनाव के लिए दिए आवेदन वापस ले लिए हैं। दीपक नामदेव ने बताया कि आवेदन वापस लेने की सूचना कांग्रेस लाडपुरा ब्लॉक अध्यक्ष आशु गंभीर और कोटा चुनाव प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज को दे दी है। दीपक नामदेव प्रहलाद गुंजल खेमे के माने जाते हैं। कार्यकर्ताओं को लेकर मनमुटाव की स्थिति पैदा न हो-दीपक नामदेव नामदेव ने कहा- वार्ड 34 से उनकी उम्मीदवारी मजबूत है। इसी विश्वास के आधार पर उन्होंने आवेदन किया था। नामदेव ने कहा कि बाद में बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ताओं से भी आवेदन करवाए गए। ऐसा ही अन्य वार्डो में किया गया। ऐसे में टिकट को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच प्रतिस्पर्धा और मतभेद बढ़ने की स्थिति संगठन के लिए नुकसानदायक हो सकती है। संगठन में फूट पड़ने से चुनावी संघर्ष कमजोर होगा। बड़े नेताओं के बीच भी कार्यकर्ताओं को लेकर मनमुटाव की स्थिति पैदा न हो। मेरे पीछे हटने और किसी दूसरे कार्यकर्ता को अवसर देने से संगठन में एकता बनी रहती है और कांग्रेस मजबूत होती है तो इससे बेहतर निर्णय मेरे लिए कुछ नहीं हो सकता।