राजनीति में अब अनुभव के साथ-साथ युवाओं के जोश और नई सोच को भी तवज्जो मिलने लगी है। कोटा नगर निगम चुनाव में इस बार जेन-जी (1997 से 2012 के बीच जन्में यानी 29 साल तक के युवा) की मजबूत मौजूदगी देखने को मिल रही है। शहर की सरकार बनाने के लिए इस बार 21 से 29 वर्ष के कई युवा मैदान में उतर चुके हैं। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस और बीजेपी जैसी राष्ट्रीय पार्टियों की तुलना में निर्दलीय के रूप में किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा है। किस पार्टी ने कितना दिया मौका निर्दलीयों का बोलबाला (37 प्रत्याशी)- मुख्य दलों से सिंबल न मिलने या स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के इरादे से उतरे 37 प्रत्याशियों ने निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है। इनमें 22 साल की सबसे कम उम्र में मुसकान मीना (वार्ड 3), दीपांशु मीना (वार्ड 22) और तमनन्ना (वार्ड 82) मैदान में हैं। कांग्रेस का युवाओं पर दांव (16 प्रत्याशी)- कांग्रेस ने अपने टिकट बंटवारे में 16 युवा चेहरों को मौका दिया है। इनमें दिव्या मीना (22), रिद्धम शर्मा (23), भुवनेश ऋषि (24), संदीप सिंह (24), अर्पित जैन (24), निधी राजावत (25), अमन गौतम (25), कुनाल शर्मा (25), दीपक कुमार भील (26), धीरज नागर (26), ऋषभ दुबे (26), आयुष पारेता (26) और फैजाल बेग (27) शामिल हैं। बीजेपी और अन्य दलों का गणित: बीजेपी ने इस सूची में 2 चेहरों को मौका दिया है जिसमें 24 साल के ललित कुशवाहा (वार्ड 70) और 29 वर्षीय नैना गर्ग (वार्ड 67) से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं बीएसपी से सोमराज शाक्यवाल (26, वार्ड 15) और आम आदमी पार्टी से प्रतिकांश शर्मा (25, वार्ड 49) चुनावी समर में उतरे हैं। किस पार्टी के कौनसे जेन जी चेहरे इन पार्टी से चुनाव लड़ रहे जेन जी में से आठ युवा शादीशुदा हैं, बाकि 12 कुवांरे हैं। भाजपा प्रत्याशी कांग्रेस प्रत्याशी जेन-जी' बनाम अनुभवी: आमने-सामने की दिलचस्प जंग नगर निगम के कई वार्डों में उम्र का यह अंतर सीधे तौर पर चुनावी मुकाबला तय कर रहा है। वार्ड 43 में निधी राजावत बनाम पिंटू कंवर है। इस वार्ड में कांग्रेस ने 25 साल की युवा चेहरा निधी राजावत को उतारा है, जिनका मुकाबला बीजेपी की 30 वर्षीय पिंटू कंवर से है। यहां रोशनी केवट जो 29 साल की है ने भी बीजेपी से आवेदन किया था और साथ ही निर्दलीय भी आवेदन किया। यहां युवाओं के नए नजरिए और थोड़ा अधिक अनुभवी चेहरे के बीच सीधा मुकाबला है। वार्ड 70 में बीजेपी के 24 वर्षीय ललित कुशवाहा के सामने निर्दलीय योगेंद्र स्वामी (23) और योगेश सुमन (29) ताल ठोक रहे हैं। यहां मुकाबला पूरी तरह से युवा बनाम युवा हो चुका है। वार्ड 3 में 22 साल की निर्दलीय प्रत्याशी मुसकान मीना का मुकाबला 28 साल की कांग्रेस प्रत्याशी अनीता भील और बीजेपी प्रत्याशी से है। वहीं वार्ड 18 में 22 साल की कांग्रेस प्रत्याशी दिव्या मीना के सामने 28 साल की निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति मीणा मैदान में हैं। इसके अलावा बीजेपी प्रत्याशी से भी मुकाबला है। बीजेपी में 40+ तो कांग्रेस में 30+ का दबदबा, उम्रदराज लोग भी लड़ रहे चुनाव चुनावी आंकड़ों का एक दूसरा पहलू यह भी है कि पारंपरिक राजनीतिक दल अब भी बड़े पैमाने पर उम्रदराज और अनुभवी नेताओं पर ही दांव खेलना पसंद कर रहे हैं। बीजेपी के ज्यादातर उम्मीदवार 40 साल से ज्यादा के हैं। बीजेपी के टिकट वितरण में वरिष्ठता और सांगठनिक अनुभव को प्राथमिकता दी गई है। कांग्रेस में 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को अधिक टिकट बंटे हैं। कांग्रेस ने कुछ युवा चेहरों को मौका जरूर दिया है, लेकिन उनके अधिकांश उम्मीदवार 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में आते हैं।