कोटपूतली नगर परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। कोटपूतली नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। यहां सभापति का पद अनारक्षित ओपन वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं, पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका में अध्यक्ष पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। इस नगर पालिका में कुल 45 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। कुल 60 वार्डों में से 59 वार्डों के लिए उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं, जबकि वार्ड नंबर 43 को फिलहाल रिक्त रखा गया है। सूची डॉ. विनोद कुमारी सांगवान, प्रभारी विधानसभा-कोटपूतली-40 की ओर से जारी की गई है। कांग्रेस की सूची पर नजर डालने से साफ होता है कि पार्टी ने टिकट वितरण में स्थानीय सामाजिक समीकरणों, ओबीसी वर्ग और युवा चेहरों को खास महत्व दिया है। सैनी और गुर्जर समाज से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को टिकट देकर पार्टी ने कोटपूतली के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। वहीं बड़ी संख्या में युवा प्रत्याशियों को मौका देकर संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने का संकेत भी दिया गया है। कोटपूतली नगर परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस की सूची 60 में से 59 वार्डों में प्रत्याशी घोषित कोटपूतली नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। कांग्रेस ने 59 वार्डों में प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। केवल वार्ड 43 में अभी उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया गया है। वार्ड 43 को 'Nil' रखे जाने के पीछे सहमति नहीं बन पाना माना जा रहा है। ऐसे में अब राजनीतिक निगाहें इस वार्ड में कांग्रेस के अंतिम उम्मीदवार की घोषणा पर टिकी हैं। महिला प्रत्याशियों की हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी कांग्रेस की 59 घोषित सीटों में 17 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है। यह कुल घोषित उम्मीदवारों का करीब 28.8 फीसदी है। वहीं 42 पुरुष प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी हिस्सेदारी करीब 71.2 फीसदी है। महिला प्रतिनिधित्व के साथ कांग्रेस ने युवा चेहरों को भी जगह दी है। वार्ड 59 से 21 वर्षीय स्नेहा रावत सूची में सबसे कम उम्र की प्रत्याशी हैं। उनका टिकट कांग्रेस की ओर से युवा महिला नेतृत्व को मौका देने की रणनीति के तौर पर देखा जा सकता है। सैनी समाज के 18 प्रत्याशियों पर भरोसा कांग्रेस की सूची में सैनी और माली समाज को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। उपलब्ध विश्लेषण के अनुसार इस समुदाय से 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें इंदु सैनी, राम प्रताप सैनी, पूनम सैनी, शालू सैनी, तुलसी सैनी, रेखा सैनी, ज्योति सैनी, हंसा सैनी और नरेश सैनी समेत कई नाम शामिल हैं। कोटपूतली के शहरी क्षेत्र में सैनी समाज की महत्वपूर्ण मौजूदगी को देखते हुए बड़ी संख्या में टिकट देना कांग्रेस की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। गुर्जर समाज को भी बड़े पैमाने पर प्रतिनिधित्व गुर्जर समाज से भी कांग्रेस ने बड़ी संख्या में प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। उपलब्ध सूची विश्लेषण के अनुसार 16 उम्मीदवार गुर्जर समाज से हैं। रामनिवास रावत, गीता देवी, सुमन देवी, सचिन दायमा, सोरभ गुर्जर, दारा सिंह, सावंत राम और कन्हैया लाल समेत कई चेहरों को टिकट दिया गया है। कोटपूतली और आसपास के अहीरवाल क्षेत्र में गुर्जर समाज के राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए यह टिकट वितरण पार्टी की सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यादव समाज को 7 सीटों पर प्रतिनिधित्व कांग्रेस ने यादव समाज को भी टिकट वितरण में महत्वपूर्ण जगह दी है। कुल 7 सीटों पर यादव समाज के प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया है। रवि यादव, उर्मिला यादव, जगमाल, सुमित कुमार यादव और हिमांशु यादव जैसे नाम सूची में शामिल हैं। सैनी, गुर्जर और यादव समाज को मिले प्रतिनिधित्व से कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग के भीतर व्यापक सामाजिक संतुलन बनाने का प्रयास किया है। SC और ST वर्ग को भी मिला प्रतिनिधित्व कांग्रेस की सूची में अनुसूचित जाति वर्ग के विभिन्न समुदायों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। मेघवाल समाज से फौजी राम आर्य, सतीश, मणी और अमी लाल जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा खटीक समाज से बसन्ता राम, वाल्मीकि समाज से प्रहलाद, बलाई समाज से विजय लक्ष्मी तथा धानक समाज से भगवान सहाय और दीपक कटारिया को टिकट दिया गया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग में मीणा समाज से अभिलाष सिंह मीना, लोकेश मीना और निशा मीना को चुनाव मैदान में उतारा गया है। जाट, राजपूत, ब्राह्मण और व्यापारी वर्ग को भी साधा कांग्रेस ने सामान्य और अन्य सामाजिक वर्गों को भी टिकट वितरण में जगह दी है। जाट समाज से महिपाल सिंह, अरुणा देवी और शिव राम को टिकट मिला है। राजपूत समाज से देवेन्द्र सिंह तंवर, ब्राह्मण समाज से सुरेश शर्मा और महाजन-बनिया-गुप्ता वर्ग से मीनाक्षी गुप्ता तथा रमेश कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं कलाल समाज से मंजु देवी को टिकट दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस ने केवल किसी एक सामाजिक समूह पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग बिरादरियों को प्रतिनिधित्व देकर चुनावी आधार को व्यापक रखने की कोशिश की है। युवा चेहरों पर कांग्रेस का बड़ा भरोसा उम्र के लिहाज से भी कांग्रेस की सूची काफी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 33 प्रत्याशी यानी लगभग 56 फीसदी उम्मीदवार 35 वर्ष या उससे कम उम्र के हैं। 36 से 50 वर्ष की उम्र वाले 18 प्रत्याशी हैं, जबकि 51 वर्ष से अधिक उम्र के 8 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। सबसे वरिष्ठ प्रत्याशियों में प्रहलाद की उम्र 69 वर्ष और रामनिवास रावत की उम्र 68 वर्ष बताई गई है। युवा उम्मीदवारों की इतनी बड़ी संख्या नगरीय राजनीति में नई पीढ़ी को आगे लाने की कांग्रेस की रणनीति को दर्शाती है। ओबीसी और युवा समीकरण पर कांग्रेस का फोकस कांग्रेस की सूची का सबसे प्रमुख राजनीतिक संकेत ओबीसी और युवा वर्ग पर फोकस है। सैनी, गुर्जर और यादव समाज के बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को टिकट मिलने से पार्टी ने कोटपूतली के स्थानीय सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। साथ ही 35 वर्ष तक के उम्मीदवारों की बड़ी संख्या से यह भी संकेत मिलता है कि कांग्रेस ने चुनाव में नए और युवा चेहरों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।