नागौर नगर परिषद चुनाव में वार्ड नंबर 10 की सियासत अब मामा-भांजे की लड़ाई में बदल गई है। कांग्रेस से टिकट को लेकर नाराज पूर्व सभापति मांगीलाल भाटी ने पार्टी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। खास बात यह है कि कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद भाटी ने भाजपा प्रत्याशी देवकिशन भाटी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। दरअसल, वार्ड नंबर 10 से मामा मांगीलाल भाटी और उनके भांजे प्रवीण सोलंकी ने कांग्रेस से टिकट के लिए आवेदन किया था। कांग्रेस ने लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे मांगीलाल भाटी का टिकट काटकर उनके भांजे प्रवीण सोलंकी को प्रत्याशी बना दिया। टिकट कटने के बाद मांगीलाल भाटी ने कांग्रेस जिला नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए खुली चुनौती दे दी। ‘पार्टी ने नहीं, जिलाध्यक्ष ने मेरा टिकट काटा’ मांगीलाल भाटी ने कहा कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनका टिकट नहीं काटा, बल्कि जिला अध्यक्ष ने उनका टिकट काटा है। भाटी ने कहा कि वह हनुमान बांगड़ा को खुला चैलेंज देते हैं कि अगर वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस प्रत्याशी को चुनाव जितवा दिया तो वह राजनीति से इस्तीफा दे देंगे। वहीं, अगर कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव नहीं जीतता है तो उन्होंने जिलाध्यक्ष से इस्तीफा देने की मांग की है। भाजपा प्रत्याशी को समर्थन, बोले- 400 वोट से हराऊंगा टिकट कटने से नाराज मांगीलाल भाटी ने वार्ड नंबर 10 में कांग्रेस के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी देवकिशन भाटी को समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह देवकिशन भाटी के समर्थन में खड़े हैं और कांग्रेस प्रत्याशी को करीब 400 वोटों से चुनाव हराएंगे। इस ऐलान के बाद वार्ड नंबर 10 का चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण सोलंकी के सामने अब उनके ही परिवार से जुड़े मांगीलाल भाटी खुलकर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतर आए हैं। कृपाराम सोलंकी के निधन के बाद शुरू हुई थी राजनीतिक खींचतान मांगीलाल भाटी और प्रवीण सोलंकी के परिवारों के बीच राजनीतिक मतभेद कोई नए नहीं हैं। कृपाराम सोलंकी के निधन के बाद उनके साले मांगीलाल भाटी को करीब 6 महीने के लिए नगर परिषद का सभापति बनाया गया था। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आने लगे। पिछले नगर परिषद चुनाव में भी दोनों परिवारों के बीच राजनीतिक टकराव देखने को मिला था। अब नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस द्वारा मांगीलाल भाटी का टिकट काटकर उनके भांजे प्रवीण सोलंकी को टिकट दिए जाने के बाद यह विवाद फिर खुलकर सामने आ गया है। वार्ड नंबर 10 में अब मुकाबला सिर्फ प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि मामा-भांजे के राजनीतिक प्रभाव और परिवार की प्रतिष्ठा का भी बन गया है। मांगीलाल भाटी के भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतरने से कांग्रेस के सामने अपने प्रत्याशी को जिताने की चुनौती और बढ़ गई है।