नागौर निकाय चुनाव में पारिवारिक जंग: सास के सामने एक नहीं, दो बहुएं मैदान में; वार्ड-22 में रोचक मुकाबला तीनों प्रत्याशी एक ही परिवार से जुड़ीं, सास कांग्रेस से तो दोनों बहुएं निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं; एक ही मोहल्ले में होगा प्रचार का मुकाबला नागौर निकाय चुनाव में वार्ड 22 का मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। यहां कांग्रेस से चुनाव लड़ रहीं सास मुनि सोलंकी के सामने परिवार की दो बहुएं बेबी सोलंकी और रेखा सोलंकी निर्दलीय मैदान में उतर गई हैं। तीनों एक ही परिवार से जुड़ी हैं और अब वोट के लिए अपने-अपने तरीके से प्रचार कर रही हैं। ऐसे में वार्ड 22 में सास और दो बहुओं की चुनावी टक्कर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। वार्ड-22 में सास कांग्रेस से, दो बहुएं निर्दलीय मैदान में वार्ड नंबर 22 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। कांग्रेस ने यहां जगदीश सोलंकी की पत्नी मुनि सोलंकी को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, उनके परिवार से जुड़ी दो बहुएं बेबी सोलंकी और रेखा सोलंकी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं। ऐसे में वार्ड का मुकाबला कांग्रेस और निर्दलीयों के बीच होने के साथ ही सास बनाम दो बहुओं की पारिवारिक चुनावी जंग में भी बदल गया है। सास बोलीं- चुनाव लड़ना सभी का अधिकार, फैसला जनता करेगी कांग्रेस प्रत्याशी मुनि सोलंकी ने कहा कि चुनाव लड़ना सभी का अधिकार है। उनके सामने उनके दो भतीजों की पत्नियां चुनाव लड़ रही हैं और दोनों अपने स्तर पर प्रचार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह भी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटी हैं। अब किसका जोर कितना है और जीत किसकी होगी, इसका फैसला वार्ड की जनता करेगी। बीजेपी से टिकट नहीं मिला तो रेखा ने निर्दलीय ठोकी ताल मुनि सोलंकी के दूसरे भतीजे पप्पू सोलंकी की पत्नी रेखा सोलंकी भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। रेखा का कहना है कि उन्होंने बीजेपी से टिकट मांगा था और वह लंबे समय से पार्टी से जुड़ी हुई हैं। हालांकि पार्टी ने टिकट किसी दूसरे प्रत्याशी को दे दिया। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। सास-बहू के आमने-सामने चुनाव लड़ने को लेकर रेखा ने कहा कि चुनाव लड़ना सभी का अधिकार है और किसी को चुनाव लड़ने से रोका नहीं जा सकता। बेबी बोलीं- सास लड़ रही हैं तो लड़ने दो, हम भी मैदान में हैं मुनि सोलंकी के भतीजे विक्की सोलंकी की पत्नी बेबी सोलंकी भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना सभी का अधिकार है। सास चुनाव लड़ रही हैं तो उन्हें चुनाव लड़ने दो, हम भी चुनाव लड़ रहे हैं और चुनाव जीतकर बताएंगे। दोनों बहुएं एक ही गली में, सास पीछे की गली में रहती हैं वार्ड-22 की इस चुनावी जंग की एक और खास बात यह है कि दोनों बहुएं एक ही गली-मोहल्ले में रहती हैं, जबकि उनकी सास मुनि सोलंकी पीछे की गली में रहती हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान तीनों प्रत्याशियों का आमना-सामना होना तय माना जा रहा है। एक ही परिवार से जुड़ी तीन महिलाओं के अलग-अलग चुनाव प्रचार करने से वार्ड में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। मामा-भांजे के बाद अब सास और बहुओं की टक्कर नागौर निकाय चुनाव में इससे पहले वार्ड नंबर 10 में मामा-भांजे की चुनावी टक्कर भी चर्चा में रही है। वहां टिकट कटने के बाद मामा ने बगावत करते हुए बीजेपी प्रत्याशी को समर्थन दे दिया था। अब वार्ड नंबर 22 में सास के सामने परिवार की दो बहुओं के चुनाव लड़ने से यह मुकाबला और ज्यादा चर्चित हो गया है। नतीजा चाहे जो भी हो, लेकिन सास बनाम दो बहुओं की यह चुनावी जंग नागौर निकाय चुनाव की सबसे रोचक पारिवारिक टक्करों में शामिल हो गई है।