जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जाने वाली बरणी और डूबराज नदी पर बांध निर्माण एवं मध्यम सिंचाई परियोजना को आगामी बजट सत्र में स्वीकृति दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ तहसील नाहरगढ़ के नेतृत्व में किसानों ने गुरुवार को विशाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में 400 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ हजारों किसान शामिल हुए। प्रदर्शन में भारतीय किसान संघ के जिला पदाधिकारियों के साथ प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी शामिल हुए। किसानों ने बरणी-डूबराज मध्यम सिंचाई परियोजना को बजट स्वीकृति देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। वर्षों से बारिश आधारित खेती पर निर्भर किसान किसान नेताओं ने बताया कि नाहरगढ़ उपतहसील क्षेत्र और आसपास के गांवों के किसान लंबे समय से स्थायी सिंचाई सुविधा के अभाव में बारिश पर निर्भर हैं। पर्याप्त सिंचाई साधन नहीं होने के कारण किसानों को हर साल फसल उत्पादन में कमी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र की इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए बरणी-डूबराज नदी पर मध्यम सिंचाई परियोजना प्रस्तावित की गई है। राज्य सरकार की ओर से गत वर्ष करीब 50 लाख रुपए की लागत से नेपकोन कंपनी के माध्यम से परियोजना का सर्वे कराया गया था। सर्वे पूरा होने के बाद करीब 1,850 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है। बजट स्वीकृति नहीं मिलने से नाराजगी किसान संघ के अनुसार पिछड़े बजट सत्र में भी इस महत्वपूर्ण परियोजना को बजट स्वीकृति नहीं मिल सकी। इससे क्षेत्र के किसानों में निराशा और आक्रोश है। किसानों का कहना है कि परियोजना के पूरा होने से नाहरगढ़ क्षेत्र सहित आसपास के गांवों के हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी भारतीय किसान संघ ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि आगामी बजट सत्र में बरणी-डूबराज मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए आवश्यक बजट स्वीकृत नहीं किया गया तो किसान चरणबद्ध तरीके से लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे। किसान संघ ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। यह आंदोलन मांग पूरी होने तक जारी रखने की चेतावनी दी गई है। संघ ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित आंदोलन शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से किया जाएगा तथा प्रत्येक कार्यक्रम की प्रशासन को नियमानुसार पूर्व सूचना देकर कानून का पालन किया जाएगा। किसानों ने मुख्यमंत्री और राजस्थान सरकार से मांग की है कि बरणी-डूबराज परियोजना की डीपीआर पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए आगामी बजट में पर्याप्त राशि स्वीकृत की जाए और परियोजना का काम जल्द शुरू करवाया जाए।