नाथद्वारा में पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ श्रीनाथजी की हवेली में शनिवार को नंद महोत्सव मनाया गया। कृष्ण जन्मोत्सव के दूसरे दिन हुए इस उत्सव में दूध, दही, हल्दी और केसर का छिड़काव किया गया। हजारों वैष्णव और श्रद्धालु इस उत्सव को देखने पहुंचे। छठी पूजन के बाद स्वर्ण पलने में विराजे लाड़ले लाल मंगला दर्शन के बाद परंपरा के अनुसार तिलकायत पुत्र विशाल बावा ने श्रीजी प्रभु और गोद के ठाकुर लाड़ले लाल नवनीतप्रियाजी का छठी पूजन किया। इसके बाद लाड़ले लाल को स्वर्ण पलने में विराजित किया गया। श्रीजी के बड़े मुखिया इंद्रवदन ने नंद बाबा का रूप धारण किया। वहीं लाड़ले लाल प्रभु के मुखिया ने यशोदा मैया का रूप धारण किया। दोनों ने बाल स्वरूप प्रभु को स्वर्ण पलने में झुलाया। ग्वाल-बाल और गोपियों के रूप में सेवकों ने किया नृत्य मंदिर के भीतरिया सेवकों ने ग्वाल-बाल और गोपियों का रूप धारण किया। उन्होंने नृत्य करते हुए प्रभु को रिझाया। विशाल बावा और लाल बावा ने स्वर्ण और चांदी के खिलौनों से प्रभु को लाड़ लड़ाया। इसके बाद आरती की गई। दूध-दही की होली खेली इसके बाद हवेली में दूध-दही की होली खेली गई। श्रद्धालु ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगाते हुए भक्ति में झूम उठे। परंपरा के अनुसार विशाल बावा बड़े मुखिया इंद्रवदन को श्रीमहाप्रभुजी की बैठक में ले गए। वहां दोनों ओर से दंडवत कर आशीर्वाद लेने की परंपरा निभाई गई। जन्माष्टमी से शुरू हुआ बधाई के रूप में प्रसाद बांटने का सिलसिला भी जारी रहा।