निकाय चुनावों में तीन बच्चों की बाध्यता हटने के बाद भाजपा और कांग्रेस के तीन नेताओं को पहली बार ​चुनाव लड़ने का मौका मिला है। इनमें भाजपा के दो पुराने कार्यकर्ता हैं। इनमें वार्ड नंबर 14 से भाजपा के सोनिया रामंचदानी, वार्ड नंबर 19 से भाजपा के घनश्याम वैष्णव और वार्ड 82 से कांग्रेस के अरविंद परिहार हैं। भाजपा के घनश्याम वैष्णव पिछले 37 सालों से संगठन से जुड़े हुए हैं। वहीं, सोनिया रामचंदानी पिछले 15 सालों से संगठन में हैं। वे महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री भी रह चुकी हैं। लेकिन, इस बाध्यता के हटने के बाद इन दोनों को चुनाव लड़ने का मौका मिला है। घनश्याम वैष्णव बोले- 12 साल की उम्र में संगठन के लिए नारे लगाने शुरू कर दिए थे घनश्याम वैष्णव का स्टील फर्नीचर का बिजनेस हैं। उन्होंने बताया- जब 12 साल का था, तब से संगठन के लिए नारे लगाने शुरू कर दिए थे। साल 1989 में जब जसवंत सिंह जसोल ने चुनाव लड़ा तो ऑफिशियली पार्टी जॉइन की। उस समय उन्हें सिक्कों से तोला था और ये सिक्के हम लोगों ने अलग-अलग लोगों से शामिल किए थे। घनश्याम वैष्णव ने बताया- मैं वार्ड सदस्य, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, भाजयुमो जिलाध्यक्ष, कच्ची ​बस्ती प्रकोष्ठ प्रभारी, जिला कार्यकारिणी सदस्य के पदों पर रह चुके हैं। वर्तमान में वे जिला प्रवक्ता है। उन्होंने बताया कि तीन बच्चों की बाध्यता हटी तो काफी राहत मिली। इसकी वजह से पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिला है। सोनिया रामचंदानी 15 साल से संगठन में सक्रिय, दादी समाज मुखिया रह चुकीं सोनिया रामचंदानी प्रोड्यूसर हैं। वे पिछले 15 सालों से संगठन में सक्रिय हैं। उन्होंने बताया- मैं महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विभाग की प्रदेश सह संयोजक और महिला मोर्चाा में प्रदेश महामंत्री रह चुकी हूं। वर्तमान में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ​ विभाग की प्रदेश संयोजक हूं। उन्होंने बताया- परिवार की विचारधारा शुरू से ही बीजेपी की रही है। संगठन में भी काम करते हैं, लेकिन पहली बार जनता के बीच रहकर सेवा का मौका मिला है। मेरी दादी भी समाज की मुखिया रह चुकी है। इसलिए वे भी चाहती थी कि राजनीति में आएं। कांग्रेस में 15 साल से एक्टिव, अब मिला चुनाव लड़ने का मौका वहीं, कांग्रेस के टिकट से वार्ड नंबर 82 से चुनाव लड़ने वाले अरविंद सिंह का भी पहला चुनाव है। वे 15 साल से कांग्रेस संगठन में सक्रिय है। इसके अलावा वे सुमेर शिक्षण संस्थान में कार्यकारिणी कोषाध्यक्ष और उपसचिव रहे हैं। जिला बॉस्केटबॉल संघ में जिला उपाध्यक्ष हैं। उन्होने बताया-- दो संतान के नियम के चलते चुनाव नहीं लड़ पाए थे। इस बार नियम हटने से मैदान में उतर रहे हैं। लेकिन, अब जब इस नियम में राहत मिली है तो उन्हें भी चुनाव लड़ने का मौका मिला है। देखें किस एरिया में आता है आपका वार्ड… जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है:परिसीमन के बाद 160 से घटकर 100 वार्ड, 11 सितंबर को होगी वोटिंग; देखें वार्डों की लिस्ट