रक्त की आपातकालीन जरूरत के समय तीमारदारों को अब एक ब्लड बैंक से दूसरे ब्लड बैंक के चक्कर काटने से मुक्ति मिलने जा रही है। चिकित्सा विभाग जिले के सभी 55 स्टोरेज ब्लड यूनिट्स को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने जा रहा है। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है। इस एप पर जिले के हर ब्लड बैंक की पूरी जानकारी रहेगी, ताकि मरीज को समय पर उसके ग्रुप की जरूरत भर की यूनिट ब्लड मिल सके। इससे न केवल मरीज का समय पर इलाज हो सकेगा, बल्कि एक्सपायरी के कारण होने वाली खून की बर्बादी पर भी रोक लगेगी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बीते माह सही समय पर समन्वय न होने के कारण करीब 8,000 यूनिट ब्लड एक्सपायर हो गया, जिसे फेंकना पड़ा। नए एप के चालू होने से ऐसी बड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकेगा। उदयपुर में हर दिन 250 यूनिट की आवश्यकता, सबसे ज्यादा बी+ और ओ+ की मांग ऐसे काम करेगा एप: गूगल प्ले स्टोर पर एप मुफ्त उपलब्ध रहेगा, जिसे आसानी से स्मार्टफोन में इंस्टॉल किया जा सकेगा। मरीज या तीमारदार को एप पर नाम, पता, आवश्यक ब्लड ग्रुप और वांछित यूनिट की संख्या दर्ज करनी होगी। विवरण डालते ही जिले के सभी 55 स्टोरेज केंद्रों का लाइव डेटा स्क्रीन पर आ जाएगा। परिजन बिना समय गंवाए सीधे संबंधित केंद्र से संपर्क कर सकेंगे। अभी उदयपुर से शुरुआत, फिर संभाग में करेंगे लागू राजस्थान में पहली बार इस प्रकार की पहल की जा रही है। प्रथम चरण में उदयपुर जिले में इसे लागू किया जाएगा, जिसकी शुरुआत सितंबर तक करने की तैयारी है। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद दूसरे चरण में उदयपुर संभाग के अन्य सभी जिलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। -डॉ. ओपी रायपुरिया, संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उदयपुर संभाग