पाली नगर निगम चुनाव को लेकर 65 वार्डों से कांग्रेस के 63 सिंबल ही जमा होने के मामले में मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि हमने 65 सिंबल जमा करवाए थे। भाजपा पदाधिकारियों के दबाव में आकर कांग्रेस के 2 सिंबल गायब किए गए है। यह लोकतंत्र की हत्या है। आरोप- शाम को कहा 2 सिंबल कम हैं कांग्रेस पर्यवेक्षक हेमसिंह शेखावत ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र को तोड़ना चाहती है। बिना छंटनी के उन्होंने हमारे प्रत्याशियों के फॉर्म देखे। अधिकारी उनके दबाव में हैं। 3 बजे से पहले सिंबल जमा करवाए और शाम पांच बजे कॉल कर कहते हैं कि दो सिंबल कम हैं। बताना चाहूंगा कि पाली में कांग्रेस एकजुट है और इस बार परिवर्तन होगा और निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा। विधायक भीमराज भाटी ने कहा कि भाजपा वाले राकेश भाटी का फॉर्म रिजेक्ट कराने में लगे हुए हैं, ऑब्जेक्शन लगा रहे हैं। मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील भंडारी ने कहा- कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। 'कांग्रेस अब भी एकजुट है' कांग्रेस जिलाध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन की बात पर पर्यवेक्षक हेमसिंह शेखावत ने कहा कि सभी को टिकट देना संभव नहीं था। कार्यकर्ताओं का हक है कि वे टिकट मांगें। ऐसे में जिन्हें टिकट नहीं मिला, उनमें से कुछ कार्यकर्ताओं ने भावुक होकर विरोध प्रदर्शन किया, हम सभी एक हैं। जो निर्दलीय मैदान में हैं, उन कार्यकर्ताओं को भी मना कर घर वापसी करवाएंगे। हमारे प्रत्याशियों को धमकाया पाली शहर ब्लॉक अध्यक्ष हकीम भाई ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा वालों ने उनके वार्ड 7 और 14 के प्रत्याशियों को कॉल कर धमकाया। पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ ने कहा कि वे हमारे जिताऊ प्रत्याशी थे। बीजेपी को अपना किला ढहने का डर था। ऐसे में उन्होंने फॉर्म गायब करवाए।