झालावाड़| श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को झालावाड़ स्थित गढ़ परिसर के अंदर विराजमान प्राचीन भगवान रमणिक नाथ जी का भव्य पंचामृत अभिषेक किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पुष्टिमार्गीय सेवा परंपरा के अनुसार आयोजित इस विशेष अभिषेक को विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराया गया। इसमें मुख्य रूप से पं. लक्ष्मण लाल शुक्ला, प्रणव शुक्ला, प्रशांत शुक्ला, केशव शुक्ला और पुनीत शुक्ला द्वारा भगवान का विधि-विधान से अभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पंडित प्रशांत शुक्ला ने बताया कि मंदिर के इतिहास के बारे में बताया जाता है कि भगवान रमणिक नाथ जी की यह अलौकिक मूर्ति सन 1806 में झालरापाटन से लाकर झालावाड़ के इस गढ़ परिसर में स्थापित की गई थी।