एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 15 सालों से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त एक लाख रुपए के इनामी कुख्यात तस्कर को फिल्मी अंदाज में 20 किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ा। आरोपी श्यामसुंदर उर्फ सांवरिया राजस्थान, मध्य प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम तक फैला तस्करी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। आईजी विकास कुमार ने बताया कि ANTF को सूचना मिली थी कि आरोपी बाड़मेर से जोधपुर की तरफ आ रहा है। इस पर टीम ने जोधपुर-बाड़मेर रोड पर धवा गांव और बोरानाडा पेप्पी सर्किल पर सीक्रेट नाकाबंदी की। संदिग्ध कार को आते देख पुलिस ने पीछा शुरू किया। आरोपी ने पुलिस को देखकर कार को नारनाडी गांव के कच्चे रास्ते पर उतारा और कार छोड़कर बबूल की झाड़ियों में भागने लगा। टीम ने करीब 20 किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ लिया। ANTF को 10 महीनों में तीन बार दिया था चकमा आईजी ने बताया कि तस्कर बेहद शातिर है, जिसने पिछले 10 महीनों में तीन बार पुलिस को चकमा दिया। सांचौर में दबिश के दौरान और बारां में पीछा किए जाने पर वह अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा था, हालांकि उसके साथियों को पकड़ लिया गया था। मणिपुर से गाड़ियां खरीदकर लाता था 30-60 किलो अफीम शुरुआत में राजस्थान-एमपी सीमा से छोटे स्तर पर तस्करी शुरू करने वाले सांवरिया का संपर्क 2026 में जैसलमेर और फिर मणिपुर के तस्करों से हुआ। वह मणिपुर और आइजोल (मिजोरम) से सेकंड हैंड गाड़ियां खरीदकर उनमें 30 से 60 किलोग्राम अफीम भरकर लाता और मारवाड़ क्षेत्र में सप्लाई करता था। पुलिस से बचने के लिए वह लंबी दूरी के दौरान वाहन बदल लेता था। 15 सालों में दर्ज हैं 15 गंभीर मामले आरोपी तस्कर पूर्व में कुख्यात तस्कर बिरदाराम और गोवर्धन का शिष्य रह चुका है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मारपीट, वाहन चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के 15 मामले दर्ज हैं। सिरोही और जालोर (बागरा) में नाकाबंदी के दौरान वह पुलिस पर फायरिंग कर भाग चुका है। आरोपी अवैध मादक-पदार्थ से भरे वाहनों की एस्कोर्टिग करता था। पुलिस की नाकाबंदी देखते हुए नाकाबंदी तोड़ फायर कर भाग निकलता था। पुलिस पर फायरिंग किए जाने के भी गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी को 2024 में जोधपुर रेंज की साइक्लोनर सेल ने भी पकड़ा था, लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने अपना नेटवर्क फिर से सक्रिय कर लिया था।