राजस्थान एसओजी ने फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि सिम बॉक्स के जरिए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा था। इस नेटवर्क में इस्तेमाल हो रहे 43 सिम कार्ड में से अधिकांश आरोपी ने उपलब्ध करवाए थे। पुलिस अब आरोपी से फर्जी सिम नेटवर्क और अवैध एक्सचेंज से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। दरअसल, फर्जी सिम कार्ड और सिम बॉक्स की मदद से अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाकर देशी-विदेशी VoIP कॉल को लोकल कॉल में बदल दिया जाता था। आरोपी अब्दुल रहमान(29) महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी का रहने वाला है। एसओजी ने आरोपी को महाराष्ट्र से 1 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी अब्दुल रहमान पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। SOG के अनुसार, इस संबंध में थाना SOG, राजस्थान में साल 2023 में मुकदमा दर्ज हुआ। मामले में धोखाधड़ी, फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र सहित टेलीग्राफ, वायरलेस टेलीग्राफी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में जांच की जा रही है। सिम बॉक्स में यूज के लिए करवाया था उपलब्ध एडीजी एसओजी विशाल बंसल के मुताबिक, आरोप है कि सिम धारकों की जानकारी के बिना उनके नाम पर सिम कार्ड जारी करवाकर अब्दुल रहमान ने इन्हें अपने सहयोगी वांछित आरोपी सैफ अंसारी उर्फ समीर उर्फ जैक को बेचकर सिम बॉक्स में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करवाया था। सिम बॉक्स से चल रहा था अवैध टेलीफोन एक्सचेंज एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों की सहायता से हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन और सिम बॉक्स स्थापित किए गए। इनके जरिए देशी और विदेशी VoIP कॉल को लोकल कॉल में परिवर्तित किया जा रहा था। SOG के मुताबिक, इस नेटवर्क से भारत सरकार को धोखा देकर राजस्व की हानि पहुंचाने के साथ टेलीग्राफ और वायरलेस संबंधी कानूनों का उल्लंघन किया गया। जांच एजेंसी ने इसे देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ राष्ट्रीय अखंडता, एकता और संप्रभुता के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा बताया है। पहचान छिपाकर फरार चल रहा था आरोपी 10 हजार रुपए के इनामी अब्दुल रहमान की SOG लगातार तलाश कर रही थी। आरोपी अपनी पहचान और मौजूदगी छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर फरार चल रहा था। लगातार प्रयासों के बाद SOG टीम ने उसे 1 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है और जांच जारी है।