राजस्थान समेत पड़ौसी राज्यों में बढ़ते स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा ए एच 1 एन 1) के केसों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजारी जारी की है। विभाग ने उन लोगों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों में न जाने की सलाह दी है, जिनके जुकाम, बुखार या फ्लू के अन्य लक्षण आ रहे है। साथ ही विभाग ने छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर या लंबे समय से बीमार लोगों को भी ऐसे एरिया में न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से अब तक कुल 146 केस डिटेक्ट हो चुके है। हालांकि जितने भी मामले सामने आए है वह सामान्य लक्षण वाले है, इनमें डेथ का अब तक एक भी केस नहीं है। हरियाणा, दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बढ़ते केस और राज्य में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए फ्लू लक्षण से प्रभावित लोगों को भीड़ वाले इलाकों में न जाने की भी सलाह दी है। अगस्त में अचानक बढ़े केस स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी से अगस्त तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल 146 मामले सामने आए हैं। जनवरी में 2, फरवरी में 3, मार्च में 20, अप्रैल में 22, मई में 25, जून में 14, जुलाई में 5 और अगस्त में अब तक 55 केस सामने आए। अगस्त में स्वाइन फ्लू के सर्वाधिक मामले दर्ज घातक स्ट्रेन नहीं विशेषज्ञों का कहना है- एच 1एन 1 वायरस के किसी नए या अधिक घातक स्ट्रेन के प्रसार की पुष्टि नहीं हुई है। आईसीएमआर ने बताया- वर्तमान में प्रचलित एच 1एन 1 वायरस पहले से ही सक्रिय है। इसलिए आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतना और समय पर डॉक्टरों की सलाह लेकर दवाई लेने की जरूरत बताई है। इन लक्षणों पर बरतें सावधानी विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा एक श्वसन संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें। हाथों को साबुन-पानी से बार-बार अच्छी तरह धोएं या हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। बुखार, खांसी या गले में खराश जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर मास्क पहनें। पर्याप्त आराम करें, तरल पदार्थों का सेवन करें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाओं का सेवन न करें।