नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद मंगलवार को रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा देखने को मिला। कार्यालय से बाहर निकल रहे विधायक राजेंद्र भांबू की गाड़ी को नाराज कार्यकर्ताओं ने घेर लिया और टिकट नहीं मिलने पर अपनी नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने विधायक से कहा कि उन्हें टिकट देने का भरोसा दिया गया था। पार्टी के लिए लंबे समय से मेहनत करने और टिकट की उम्मीद में लगातार प्रयास करने के बावजूद अंतिम समय में उनका टिकट काट दिया गया। कई कार्यकर्ता विधायक के सामने हाथ जोड़कर अपनी बात रखते नजर आए। '2023 में मेरी भी टिकट कटी' विधायक ने कार्यकर्ताओं से कहा- वे उनकी भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि 2023 में उनकी अपनी टिकट भी कट गई थी, इसलिए वे जानते हैं कि ऐसी स्थिति में कार्यकर्ताओं को कितना दुख होता है। उन्होंने सभी से पार्टी के हित में संयम बनाए रखने की अपील की। हमने पूरी निष्ठा से पार्टी के लिए काम किया विधायक के वहां से रवाना होने के बाद कार्यकर्ता मनोज ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह पिछले सात वर्षों से भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं और पार्टी के लिए लगातार काम किया है। इसके बावजूद उन्हें टिकट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अब उनके वार्ड के लोग जो निर्णय करेंगे, वे उसी के अनुसार आगे की रणनीति तय करेंगे। मनोज जाजम ने कहा- हमारे साथ यह सही नहीं हुआ। हमने पूरी निष्ठा से पार्टी के लिए काम किया, लेकिन आखिरी समय में टिकट काट दी गई।