रणथंभौर टाईगर रिजर्व की पेरीफ़ेरी वाले इलाके से सटे गांवों की आबादी क्षेत्र में लगातार लेपर्ड का मूवमेंट बना हुआ है। जिसके चलते रणथंभौर प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी एंव रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में वन विभाग द्वारा दुमोदा गांव में लगाये गए पिंजरे में बीती रात एक और लेपर्ड पिंजरे में कैद हो गया। जिसे हेल्थ चेकअप के बाद रणथंभौर के दुरस्त इलाके के जंगलों में छोड़ दिया गया। लेपर्ड के हमले में तीन साल के बालक की हुई थी मौत गौरतलब है कि पिछले माह इसी दुमोदा गांव में एक लेपर्ड के हमले में घर के आंगन में परिजनों के बीच खेल रहे एक तीन साल के बालक की मौत हो गई थी। लेपर्ड के हमले से बालक की मौत की घटना के बाद वन विभाग द्वारा इलाके में लगातार निगरानी ओर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। बालक की मौत की घटना के बाद वन विभाग द्वारा दुमोदा से एक लेपर्ड और एक भालू को रेस्क्यू किया गया था और अब एक बार फिर एक लेपर्ड वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग कर रहा है लगातार मॉनिटरिंग रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि बालक की मौत की घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी एवं अथक प्रयास किए जा रहे थे। इससे पूर्व भी इसी क्षेत्र से एक लेपर्ड पकड़ा जा चुका था। हालांकि, क्षेत्र में एक अन्य लेपर्ड की मौजूदगी के प्रमाण लगातार मिल रहे थे। जिसे देखते हुए वन विभाग द्वारा लेपर्ड की गतिविधियों के आधार पर निगरानी एवं रेस्क्यू प्रयास जारी रखे गए हैं। जिसके परिणामस्वरूप बीती रात दूसरे लेपर्ड को भी सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया। डीएफओ ने बताया कि दुमोदा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा लगातार कैमरा ट्रैप, केज ट्रैप एवं नियमित गश्त के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।