चूरू के रतननगर में त्रिवेणी देवी सुरेका चेरिटेबल ट्रस्ट ने मंगलवार को मिर्गी रोग निदान शिविर लगाया। यह एपिलेप्सी केयर एंड रिसर्च फाउंडेशन के तहत आयोजित 385वां शिविर था, जिसमें 512 मरीजों का इलाज किया गया। शिविर में आए मरीजों को दवाइयां भी फ्री में दी गईं। शिविर के मुख्य न्यूरोफिजिशियन डॉ. आर के सुरेका ने बताया कि फाउंडेशन ने 'एपिलेप्सी एंड प्रेग्नेंसी रजिस्ट्री' की शुरुआत की है। इसका मकसद मिर्गी से पीड़ित गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों की बेहतर देखभाल करना है। डॉ. सुरेका ने कहा कि मिर्गी से पीड़ित महिलाएं सही योजना, नियमित इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में सुरक्षित गर्भावस्था के साथ स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं। उन्होंने युवा विवाहित मिर्गी रोगी महिलाओं को गर्भधारण की योजना बनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत पर जोर दिया। डॉ. सुरेका ने गर्भवती मिर्गी रोगी महिलाओं को खास तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वे मिर्गी की दवाइयां खुद बंद नहीं करें और न ही उनकी खुराक में कोई बदलाव करें।