बजाज नगर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए नकली नोट मामले में पकड़े गए चारों आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सभी आरोपी दो दिन की रिमांड पर हैं। 4,30,500 रुपए के नकली नोटों की पुलिस ने मशीन से जांच की तो मशीन भी उन्हें डिटेक्ट नहीं कर पाई। बाद में वाटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और सीरियल नंबर की जांच के आधार पर नोटों को नकली पाया गया। असल नोट के सीरियल नंबर में अंकों का आकार छोटे से बड़ा होता है, जबकि नकली नोटों में अंकों का आकार असली नोटों से कम था। वाटरमार्क में दिखाई देने वाले गांधीजी बिना रोशनी के भी दिखाई दे रहे थे। सिक्योरिटी थ्रेड का रंग नोट को थोड़ा तिरछा करने पर हल्का नीला हो रहा था, जो असली नोट से अलग था। इन तीन जांच के आधार पर सभी नोटों को नकली माना गया। अब इसकी जांच के लिए आरबीआई, एफएसएल और दिल्ली आईबी की टीम भी जयपुर आएगी। आरोपियों को पकड़ने में थाना स्पेशल के रामअवतार और अन्य की अहम भूमिका रही। असली नोट की पहचान कोलकाता में मुलाकात, सुनारिया जेल में दोस्ती... फिर जुड़े नकली नोटों के खेल से 25% की पार्टनरशिप... नकली नोट खपाने के लिए अमन के साथ 25% की पार्टनरशिप थी। अंशुल, आकाश और प्रियांशु हरियाणा से नकली नोट लेकर 21 को जयपुर पहुंचे थे। साहिल ने लोकेशन दी और वे वहां पहुंचे।