भास्कर न्यूज| भरतपुर राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के लाभार्थियों को समय पर दवाइयां उपलब्ध नहीं कराना निजी फार्मेसियों को भारी पड़ गया। करीब दो माह से आरजीएचएस के तहत दवा वितरण नहीं करने और लाभार्थियों को दवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर भरतपुर की 11 निजी फार्मेसियों का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रदेशभर में ऐसी 386 फार्मेसियों पर कार्रवाई की गई है। आरजीएचएस में दवा वितरण व्यवस्था की निगरानी के दौरान सामने आया कि कई अधिकृत निजी फार्मेसियां लंबे समय से योजना के तहत लाभार्थियों को दवाइयां उपलब्ध नहीं करा रही थीं। इसके बाद संबंधित फार्मेसियों को स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया। जिनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले या जिन्होंने कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया। उनका टीएमएस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। कार्रवाई के आंकड़ों में भरतपुर प्रदेश के प्रमुख जिलों में शामिल है। जयपुर में सर्वाधिक 63, अलवर में 36, जोधपुर में 32, सीकर में 25, कोटा, हनुमानगढ़ व नागौर में 14-14, अजमेर में 13, चुरू व दौसा में 12-12, जबकि भरतपुर और बाड़मेर में 11-11 फार्मेसियों का टीएमएस बंद किया गया है। भरतपुर संभाग के पांच जिलों में कुल 23 निजी आरजीएचएस फार्मेसियों पर कार्रवाई हुई है। इनमें भरतपुर की 11, डीग की 4, धौलपुर व सवाई माधोपुर की 2-2 और करौली की 4 फार्मेसियां शामिल हैं। यानी संभाग में हुई कार्रवाई प्रदेश की कुल कार्रवाई का करीब 6 प्रतिशत है। पहले नोटिस, फिर टीएमएस बंद आरजीएचएस की ओर से लंबे समय से दवा वितरण नहीं करने वाली फार्मेसियों को पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। लेकिन कई मामलों में जवाब संतोषजनक नहीं मिला और कुछ ने कारण बताओ नोटिस का जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उनका टीएमएस, यानी योजना के तहत दवा वितरण से जुड़ा ऑनलाइन सिस्टम, अस्थायी रूप से बंद कर दिया। कार्रवाई का उद्देश्य उन फार्मेसियों पर लगाम लगाना है, जिनकी वजह से आरजीएचएस लाभार्थियों को जरूरी दवाइयां लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को समय पर दवा उपलब्ध कराना जरूरी है और इसमें लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। इन 11 फार्मेसियों पर कार्रवाई :- शक्ति मेडिकल स्टोर, आस्था मेडिकल एंड हेल्थ केयर, एमएस मेडिकल एंड जनरल स्टोर एचयूएफ, अपोलो मेडिकल प्रोविजन स्टोर, आशा मेडिकल स्टोर, कृष्णा मेडिकल एंड जनरल स्टोर, विनायक मेडिकल स्टोर, बीएनएच फार्मा, सेंट्रल ड्रग गोदाम, हर्षित मेडिकल स्टोर व कटारा फार्मा शामिल हैं। ^भरतपुर में 11 फार्मेसियों का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है। जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार ये फार्मेसियां पिछले करीब दो माह से आरजीएचएस लाभार्थियों को दवाएं उपलब्ध नहीं करा रही थीं। प्रदेशभर में यह 386 फार्मेसियों पर कार्रवाई की गई है। डॉ. गौरव कपूर सीएमएचओ, भरतपुर। स्पष्टीकरण और रिकॉर्ड की होगी जांच :- आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल के अनुसार संबंधित फार्मेसियों से प्राप्त स्पष्टीकरण और उपलब्ध अभिलेखों की जांच की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई होगी। आरजीएचएस की ओर से दवा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत आवश्यक दवाएं समय पर मिल सकें।