शहर के गांधीपुरा स्थित नवकार कॉलोनी में साध्वी विमलप्रभा आदि ठाणा-6 का चातुर्मास श्रद्धा और धर्ममय माहौल में चल रहा है। यहां रोज सुबह 9.15 से 10.30 बजे तक धर्मसभा और प्रवचनमाला हो रही है। इसी क्रम में गुरुवार को साध्वी विश्वरत्ना ने घर के महत्व पर बात की। उन्होंने परिवार, अपनापन और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े संदेश दिए। साध्वी ने कहा कि घर सिर्फ ईंट-पत्थरों का मकान नहीं होता। घर प्रेम, विश्वास, संस्कार, अपनत्व का केंद्र होता है। घर में जो निजता और शांति मिलती है, वह सात सितारा होटल में भी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि जिस घर में माता-पिता का सम्मान होता है। परिवार में प्रेम होता है। आपसी विश्वास होता है। वह घर मंदिर जैसा बन जाता है। उन्होंने कहा कि दूसरों को अपना मानने की भावना से प्रेम और सद्भाव बढ़ता है। अपनापन और परायापन का भेदभाव द्वेष को जन्म देता है। साध्वी ने माता-पिता के सम्मान, आपसी सहयोग, प्रेम को जीवन की बड़ी पूंजी बताया। कहा कि घर का माहौल ही व्यक्ति के संस्कार और व्यक्तित्व बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है।