कोटा में नगर निगम चुनाव में नाम वापस नहीं लेने पर 3 सितंबर को भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी के स्कूल को सीज करने की कोशिश के आरोप लगे हैं। वार्ड 49 में कौशल किशोर शर्मा भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। चीफ फायर ऑफिसर राकेश व्यास के नेतृत्व में गई टीम ने स्कूल की फायर एनओसी के संबंध में जानकारी मांगी। इस दौरान स्कूल में बच्चे और स्कूल स्टाफ था। टीम के अचानक पहुंचने से लोग नाराज हो गए। निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थक और स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ ने विरोध किया और हंगामा कर दिया। मामला बिगड़ता देख टीम बिना कार्रवाई के लौट गई। भाजपा से बागी और निर्दलीय प्रत्याशी कौशल किशोर ने बताया कि भाजपा के प्रत्याशी के समर्थन में उन्हें नाम वापस लेने के लिए धमकाया गया और दबाव बनाया गया। हालांकि उन्होंने नाम वापस नहीं लिया है। उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव चिह्न भी मिल गया है और प्रचार भी शुरू कर दिया है। मामला नए कोटा से जुड़ा हुआ है। भाजपा से मांगा था टिकट उन्होंने बताया कि प्रत्याशी ने भाजपा से टिकट भी मांगा था, लेकिन टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय आवेदन कर दिया। इसके बाद नाम भी वापस नहीं लिया। इससे भाजपा के वोट कटने की बड़ी आशंका है। इसको देखते हुए भाजपा के समर्थक इसे बैठाने में हर हथकंडे अपना रहे थे। इसके लिए पुलिस का दबाव भी बनाया गया, लेकिन निर्दलीय डरा नहीं और चुनाव लड़ने पर अड़ा रहा। कौशल किशोर ने बताया कि मैं 36 साल से भाजपा कार्यकर्ता हूं। मैंने टिकट मांगा, लेकिन नहीं दिया। निर्दलीय चुनाव में उतरा तो मुझे लगातार धमकाया जा रहा है। कभी मेरी पत्नी का ट्रांसफर जैसलमेर करवाने तो कभी स्कूल को बंद करवाने की धमकी दी जा रही है। 2 बजे नाम वापस लेने की कहा था मैंने नाम वापस के लिए मन भी बना लिया था और गुरुवार की सुबह 11 कार्यकर्ताओं से कह दिया था। कि 2 बजे नाम वापस लेने के लिए चलेंगे। उससे पहले ही दोपहर 12.30 बजे यह कार्रवाई की गई। उसके बाद मैंने नाम वापस लेने से इनकार कर दिया और चुनाव लड़ रहा हूं। सीएफओ बोले-स्कूल की शिकायत मिली थी नगर निगम सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि हमें 2-3 दिन पहले स्कूल की शिकायत मिली थी कि वहां फायर सेफ्टी उपकरण नहीं है। इस पर गुरुवार को जांच करने गए थे। जांच के बाद ही नोटिस देने और आगे की कार्रवाई की जाती है। जब वहां पहुंचे तो पता चला कि स्कूल का मालिक चुनाव लड़ रहा है और वहां नहीं है। स्कूल में फायर सेफ्टी उपकरण व एनओसी नहीं मिली। हमने नोटिस जारी किया, लेकिन नोटिस किसी ने लिया नहीं।