सीकर शहर में सीवरेज-ड्रेनेज के गंदे पानी की निकासी नहीं होने से परेशान कई गांवों के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। नानी बीहड़ से हाईवे होते हुए सबलपुरा, ढाका की ढाणी, पुरा की ढाणी और भढाडर तक दूषित पानी पहुंच रहा है। इन इलाकों के लोग मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। लोगों का 20 दिन से धरना चल रहा है। इस गंदे पानी के जमा होने के कारण हाईवे के आसपास के लोगों के काम पूरी तरह ठप्प हो चुका है। बदबू में लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। सड़क से गुजरने वाले राहगीर और गाड़ी चलाने वाले लोग परेशान हैं। लोग बोले- झूठे आश्वासन ही मिलते स्थानीय ग्रामीणों ने कहा- समस्या को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए जा चुके हैं। हर बार जिला प्रशासन के साथ वार्ता में झूठे आश्वासन ही मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों की टालमटोली से परेशान होकर क्षेत्र के लोगों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 13 अगस्त से दे रहे धरना स्थानीय ग्रामीणों ने कहा- गंदे पानी की निकासी और स्थायी समाधान की मांग को लेकर 13 अगस्त से भढाडर बाइपास तिराहे पर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा- हाईवे पर गंदे पानी के बहाव को तुरंत रोका जाए। इस पूरी व्यवस्था का स्थायी इलाज किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।