एकलव्य आवासीय स्कूल में व्यवस्थाओं और स्टाफ के कथित व्यवहार से नाराज विद्यार्थियों ने शुक्रवार रात जमकर हंगामा किया। खाने की गुणवत्ता खराब होने, खाद्य सामग्री देने में भेदभाव, बाथरूम में पानी नहीं आने, मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में छात्र आधी रात को स्कूल से पैदल निकल गए। करीब 3 किमी दूर तहसील कार्यालय के पास मंदिर परिसर में पहुंचने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। तहसीलदार राजकुमार, डीएसपी मदनलाल बिश्नोई, धंबोला थाना अधिकारी चंद्रशेखर किलानिया सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग रखी। विद्यार्थी पंकज भराड़ा ने कहा कि जन्माष्टमी के दौरान पानी डालने की बात को लेकर एक शिक्षक ने उसके साथ मारपीट की। इससे उसके जबड़े का एक दांत हिलने लगा। अन्य विद्यार्थियों ने भी स्टाफ पर बेवजह मारपीट करने और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के आरोप लगाए। छात्रों ने भोजन को लेकर भी शिकायत की। उनका आरोप था कि खाद्य सामग्री देने में भेदभाव किया जाता है और कई बार भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं रहती। बाथरूम में पानी नहीं आने की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी गई। अधिकारियों ने छात्रावास पहुंचकर देखी व्यवस्थाएं शिकायतें सुनने के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम छात्रावास पहुंची और भोजन, पानी, बाथरूम सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया, लेकिन छात्र तत्काल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों को मौके पर बुलाने के साथ संबंधित स्टाफ को बदलने की मांग रखी। इसके बाद विधायक अनिल कटारा मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। विद्यार्थियों ने विधायक के सामने भी भोजन, पानी, मारपीट और स्टाफ के व्यवहार से जुड़ी शिकायतें रखीं। कुछ छात्रों ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद को भी मौके पर बुलाने की मांग की। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को 7 दिन में छात्रावास की व्यवस्थाएं सुधारने का भरोसा दिलाया। पानी और भोजन समेत अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया।