नगर पालिका चुनाव से ठीक पहले सिवाना कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। पार्टी के प्रदेश महासचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टिकट वितरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश महासचिव ने आरोप लगाया कि सिवाना नगर पालिका के कई वार्डों में निष्ठावान और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर टिकट बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट वितरण से पहले स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में महासचिव ने घोषणा की कि वे इस पूरे मामले की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व और हाईकमान को सौंपेंगे तथा इसकी जांच की मांग करेंगे। इधर, टिकट कटने से नाराज कई दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करने का भी संकेत दिया है। वहीं, जिला कांग्रेस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि टिकट वितरण सर्वे और आपसी सहमति के आधार पर किया गया है। जिला कांग्रेस ने पार्टी के एकजुट होने का दावा किया है। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में सामने आई इस अंदरूनी कलह ने क्षेत्र में सियासी पारा बढ़ा दिया है।