जिले के ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब उदयपुर की उन सीएचसी और पीएचसी पर भी मरीजों को इलाज मिल सकेगा, जो लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रही थीं। जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग की पहल पर जिले में यूटीबी (अर्जेंट टेम्परेरी बेसिस) के तहत एक साल के लिए 87 चिकित्सकों और 193 एएनएम की भर्ती किए जाएंगे। इस भर्ती और मानदेय का खर्च डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड से उठाया जाएगा। विभाग की ओर से इसका पूरा खाका तैयार कर सर्वे पूरा कर लिया गया है। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल की हरी झंडी मिलने के बाद अब इस योजना की शुरुआत कर दी गई है। संयुक्त निदेशक डॉ. ओपी रायपुरिया और सीएमएचओ प्रथम डॉ. अशोक आदित्य ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग से औपचारिक अनुमति ले ली है। 15 दिन में पूरी करेंगे प्रक्रिया, हर माह 4.5 करोड़ का बजट जहां डॉक्टर और स्टाफ की कमी, वहां कर रहे तैनाती विभाग ने संभाग में आने वाले सभी जिलों के लिए कार्ययोजना तैयार करने की शुरुआत कर दी है, जहां-जहां डॉक्टरों की कमी है, वहां पर व अन्य स्टाफ की कमी है वहां की तैनाती कर रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में हालात मजबूत हो सके। प्रयास किए जा रहे हैं कि उदयपुर की तरह ही सभी जिलों में ये फंड डीएमएफटी के माध्यम से मिल सके। -डॉ. ओपी रायपुरिया, संयुक्त निदेशक चिकित्सा