सिविल लाइंस विधानसभा, VIP क्षेत्र में सड़क पर कीचड़-मलबे का तालाब; 10 साल से समाधान नहीं सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के 88 से 103 तक के 16 वार्डों में जनता की समस्या जस की तस है। हर बार चुनाव में नेता आश्वासन तो देते हैं, मगर चुनाव बाद समस्याओं का समाधान नहीं करवा पाते। गुर्जर की थड़ी-सुल्तान नगर से ज्योतिबा फुले सर्किल तक जाने वाली 800 मीटर सड़क कचरे और मलबे से अटी है। सड़क के दोनों किनारे टूटे पड़े हैं। जगह-जगह कीचड़ और कचरे के ढेर हैं। बारिश में सड़क तालाब बन जाती है और दोनों तरफ गड्ढों में पानी भरने से वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है। कुछ ही दूरी पर मेट्रो दौड़ती नजर आती है, लेकिन नीचे सड़क पर जगह-जगह गंदगी फैली है। भास्कर ने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को यह तस्वीर दिखाने मौके पर बुलाया। भाजपा विधायक गोपाल शर्मा व कांग्रेस नेता प्रतापसिंह खाचरियावास तो आए ही नहीं। यह तस्वीर वार्ड 88 की है, जहां से भाजपा की शशि कुमारी मिश्रा और कांग्रेस से श्रुति भारद्वाज चुनाव लड़ रहीं हैं। दोनों प्रत्याशियों ने मौके पर पहुंचकर गंदगी के हालात और टूटी सड़कें देखीं। यहां सड़क पर पानी भरा था। मलबे के ढेर लगे हैं। दोनों प्रत्याशियों ने वादा किया कि चुनाव के बाद गंदगी की यह तस्वीर बदलकर रहेंगे। क्षेत्र में पानी, सीवर, पार्किंग, अतिक्रमण की समस्याएं भी हैं। सिविल लाइंस आरओबी का काम भी अभी तक पूरा नहीं हुआ। अप्रैल 2021 में काम शुरू हुआ। अगस्त 2026 में पूरा होना था। 6 बार डेटलाइन बदली। 1 साल में भी पूरे होने के आसार नहीं हैं। प्रत्याशियों से पूछा- क्या वे इस सड़क से होकर गुजर सकते हैं? भाजपा को बागियों व मुस्लिम बाहुल्य एरिया में सेंध लगानी होगी... कांग्रेस में भीतरघात का डर यहां भाजपा को बागियों व मुस्लिम बाहुल्य एरिया में सेंध लगानी होगी, कांग्रेस में भीतरघात का डर है। 16 वार्डों में से 8 वार्ड फंसे हुए हैं। वार्ड 88: भाजपा से शशि कुमारी मिश्रा व कांग्रेस से श्रुति भारद्वाज भाजपा के सामने भीतरी बगावत चुनौती बनी हुई है। वार्ड 89: भाजपा से भवानी सिंह राजावत, कांग्रेस प्रकाश बागड़ा प्रत्याशी है। यहां पूर्व चेयरमैन भवानीसिंह के सामने कांग्रेस ने नए प्रत्याशी को उतारा है, लेकिन यहां भीतरघात का डर बना हुआ है, क्योंकि संघ समर्पित प्रत्याशी बागी है। वार्ड 98: भाजपा से सुभाष सिंघी व कांग्रेस से राजकुमार बागड़ा मैदान में हैं। भाजपा के बागी उपेश शर्मा शैंपी के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय है। वार्ड 103: भाजपा से मनोज चावरिया व कांग्रेस से मोहम्मद हनीफ प्रत्याशी हैं। कांग्रेस के बागी अजहरुद्दीन ने नाम वापस ले लिया। मुस्लिम बाहुल्य वार्ड। AAP की मौजूदगी इसे और बहुकोणीय बनाती है। कुल मतदाता - 2,44,827 महिला - 1,19,609 पुरूष - 1,25,202 GEN-Z: 35 हजार 2020 में 24 वार्ड थे भाजपा - 10 कांग्रेस - 13 निर्दलीय - 01 बेसहारा गोवंश का जमावड़ा, सड़कों पर जलभराव, जगह-जगह गंदगी भी मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में 73-87 तक के 15 वार्ड आते हैं। इन वार्डों में पुरानी सीवर लाइन, सड़कों पर जलभराव से लेकर बेसहारा गोवंश, सफाई नहीं होने जैसी कई समस्याएं हैं। बारिश के दौरान टोंक फाटक के आसपास, बरकत नगर, शिव कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनियों में जलभराव की समस्या आम है। शिव कॉलोनी, किसान मार्ग व आसपास इलाके में सड़कों पर बेसहारा गोवंश और गंदगी से लोग परेशान हैं। निगम चुनाव में इन वार्डों में प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय नाराजगी और टिकट के बाद पैदा हुई खींचतान ज्यादा मायने रखेगी। कई वार्डों में तो बागी और निर्दलीय भी भाजपा- कांग्रेस का गणित बिगाड़ेंगे। भास्कर समस्याएं दिखाने प्रत्याशियों को वार्डों में लेकर पहुंचा और जलभराव, बेसहारा गोवंश, गंदगी की समस्याएं दिखाईं। 2023 में चुनावों में बीजेपी को मिली थी बढ़त, 2018 में कांटे की टक्कर: मालवीय नगर सीट पर 2023 में विधायक कालीचरण सराफ को 92,506 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस की डॉ. अर्चना शर्मा को 57,012 वोट मिले। भाजपा ने करीब 35,494 वोट की बड़ी बढ़त ली थी। इससे पहले 2018 में मुकाबला बेहद कांटे का था। जहां सराफ सिर्फ 1,704 वोट से जीते थे। यानी मालवीय नगर में भाजपा का मजबूत आधार है, लेकिन कांग्रेस को पूरी तरह खारिज करना भी सही नहीं होगा। कांग्रेस प्रत्याशी जैन पहुंचे मौके पर, विधायक सराफ और कर्णावट नहीं आए स्थानीय विधायक कालीचरण सराफ और कांग्रेस से प्रत्याशी रही अर्चना शर्मा ने फोन ही नहीं उठाया। जातीय समीकरण, पुराने चेहरों का नेटवर्क; भाजपा की अंदरूनी खींचतान बनेगी कांग्रेस की उम्मीद वार्ड 76: भाजपा ने पूर्व उपमहापौर पुनीत कर्णावट को टिकट दिया है। कांग्रेस से प्रदीप जैन मैदान में है। टिकट प्रक्रिया के दौरान विधायक कालीचरण सराफ की ओर से कुलदीप मिश्रा को भाजपा का सिंबल दिए जाने से विवाद खड़ा हो गया था। भाजपा से दोनों कैंडीडेट ने नामांकन दाखिल किया। बाद में पार्टी नेतृत्व ने कर्णावट के नाम पर मुहर लगाई। वार्ड 77: बीजेपी ने प्रेम कुमार जैन और कांग्रेस ने किरण शर्मा को टिकट दिया। विधायक के नजदीकी पूर्व पार्षद रमेश सैनी भी निर्दलीय हैं। महेश सैन ने भी ताल ठोकी है। वार्ड 78: बीजेपी से श्याम सुंदर शर्मा और कांग्रेस से अभिषेक सैनी मैदान में हैं। पूर्व पार्षद राजेश कुमावत कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय मैदान में है। वार्ड 87: में बीजेपी की प्रतिभा शर्मा और कांग्रेस की अर्चना शर्मा आमने-सामने है। प्रतिभा मुख्यमंत्री के ओएसडी आनंद शर्मा की पत्नी है। वहीं अर्चना शर्मा के पति आशीष शर्मा फार्मासिस्ट हैं। कुल मतदाता - 2,00,190 महिला - 98,697 पुरूष - 1,01,493 GEN-Z: 42 हजार 2020 में 26 वार्ड थे भाजपा - 16 कांग्रेस - 08 निर्दलीय - 02