कंजौली |ग्राम पंचायत में मोक्षधाम तक पक्के रास्ते की कमी एक बार फिर सामने आई है। गांव निवासी रामदयाल की मृत्यु के बाद अंतिम यात्रा में परिजनों और ग्रामीणों को भारी परेशानी हुई। घर से मोक्षधाम तक करीब डेढ़ किलोमीटर का कच्चा रास्ता बारिश के बाद कीचड़ और दलदल में बदल गया। ग्रामीणों को घुटनों तक कीचड़ में उतरकर अर्थी को कंधा देकर ले जाना पड़ा। कई जगह पैर कीचड़ में धंसते रहे और पानी भरे हिस्सों से गुजरना पड़ा। रास्ता संकरा और खराब होने के कारण अंतिम यात्रा को कुछ दूरी तक खड़ी फसल के बीच से निकालना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के बाद यह मार्ग सामान्य आवागमन के लिए भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि मोक्षधाम तक पक्का रास्ता बनवाने की मांग करीब दो दशक से ग्राम पंचायत और प्रशासन के सामने रखी जा रही है, लेकिन निर्माण नहीं हुआ। ग्राम विकास अधिकारी अतर सिंह ने कहा कि उन्हें इस रास्ते की जानकारी नहीं है और मौके पर जाकर स्थिति देखी जाएगी। ग्रामीणों ने जल्द निर्माण की मांग की है।