भास्कर न्यूज | भरतपुर बयाना निवासी 37 वर्षीय उर्वशी पचौरी की सर्जरी के दौरान हुई चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में स्थायी लोक अदालत, भरतपुर ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने जयपुर के मानसरोवर स्थित एपेक्स अस्पताल और दो डॉक्टरों डॉ. मनीष खैरीवाल व डॉ. सौरभ जैन को महिला को 15 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता संतोषीलाल गर्ग के अनुसार उर्वशी के गर्भाशय में सिस्ट (गांठ) की शिकायत थी। इलाज के लिए वह मई 2023 में एपेक्स अस्पताल पहुंची थीं। परिवादी पक्ष का कहना है कि ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों को स्पष्ट जानकारी दी गई थी कि महिला के शरीर में केवल एक ही सक्रिय किडनी है। इसके बावजूद 22 मई 2023 को हुई लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के दौरान सक्रिय किडनी से जुड़ी मूत्रवाहिनी (यूरेटर) में करीब 5 मिलीमीटर का कट लग गया। इसके बाद महिला को लगातार यूरिन लीकेज की समस्या हुई और तबीयत बिगड़ती गई। परिजनों का आरोप था कि सर्जरी के दौरान हुए नुकसान की जानकारी उन्हें तत्काल नहीं दी गई। मामले की सुनवाई के बाद स्थायी लोक अदालत ने अस्पताल और दोनों डॉक्टरों को संयुक्त या पृथक रूप से दो सप्ताह में 15 लाख रुपए 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के निर्देश दिए। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर बकाया राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। मामले की सुनवाई स्थायी लोक अदालत, भरतपुर में अध्यक्ष गंभीर सिंह तथा सदस्य योगेश कुमार शर्मा और रजनीकांत शर्मा की पीठ ने की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और मेडिकल रिकॉर्ड का परीक्षण किया। फैसले में अदालत ने कहा कि मरीज की एकल किडनी होने की जानकारी चिकित्सकों को पहले से थी। इसके बावजूद ऑपरेशन के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे महिला को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचा और उसके जीवन पर भी संकट की स्थिति पैदा हुई। लोक अदालत ने अपने आदेश में मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आरजीएचएस योजना के तहत अधिक क्लेम या चार्ज प्राप्त करने की नीयत से जोखिमपूर्ण तरीका अपनाए जाने संबंधी गंभीर टिप्पणी भी की। कोर्ट ने कहा कि महिला को शारीरिक व मानसिक पीड़ा हुई। डेढ़ महीने बाद जांच में सामने आई असली वजह:- लगातार दर्द और यूरिन रिसाव की शिकायत पर 15 जुलाई 2023 को सीटी यूरोग्राफी कराई गई। जांच में यूरेटर कटने की पुष्टि हुई। इसके कारण महिला को यूरेट्रो-वेजाइनल फिस्टुला की गंभीर समस्या हो गई थी। इसके बाद महिला को जयपुर के मालवीय नगर स्थित एपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 19 जुलाई 2023 को यूरेटरिक रीइंप्लांटेशन सर्जरी करनी पड़ी। परिवादी पक्ष ने आरोप लगाया कि इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने अतिरिक्त राशि मांगने और मामले को टालने का भी प्रयास किया।