उदयपुर में जन्मे और पले-बढ़े एनआरआई राजेश चपलोत को उनके ‘Save Time’ अभियान के लिए प्रतिष्ठित फॉर्ब्स मैगजीन ने फीचर किया है। मैग्जीन के अगस्त अंक में चपलोत के विचारों को जगह देते हुए समय के महत्व और इसे बचाने की जरूरत पर चर्चा को प्रकाशित किया गया है। चपलोत का जन्म उदयपुर में हुआ और यहीं से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की। वर्तमान में वे युगांडा के प्रमुख बिजनेस टायकून के रूप में पहचान रखते हैं और पिछले छह वर्षों से युगांडा के राष्ट्रपति के सलाहकार भी हैं। वर्ष 2019 में उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मान से नवाजा जा चुका है। कई बड़े सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित 2020 में युगांडा के राष्ट्रपति ने उन्हें स्वर्ण जयंति पुरस्कार और सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया था, वहीं चार्टेर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान द्वारा 2018 में उन्हें इंटरनेशनल लीडर पुरस्कार से नवाजा गया था। चपलोत ने युगांडा, कांगो और तंजानिया में विभिन्न कॉरपोरेट संस्थानों के साथ सीईओ, डायरेक्टर और बोर्ड मेंबर के रूप में काम किया है। समय बचाने की सोच को बनाया अभियान चपलोत कहते हैं हम अक्सर पर्यावरण बचाने की बात करते हैं, पानी बचाने के लिए अभियान चलाते हैं, लेकिन जीवन की सबसे अनमोल संपत्ति समय को बचाने और उसकी अहमियत समझने की चर्चा अपेक्षाकृत कम करते है, जबकि बीता हुआ समय कभी वापस नहीं लाया जा सकता। सेव टाइम अभियान के लिए ही फॉर्ब्स इंडिया ने उन्हें अगस्त में प्रकाशित हुए अंक के पेज नंबर 81 पर उन्हें स्थान दिया है। केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दिया प्रशंसा पत्र 1989 बैच के चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश चपलोत की लिखी बुक नंदू और दादू और उनकी उपलब्धियों को लेकर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी चपलोत का सम्मान किया है। बुक में चपलोत ने वर्तमान परिवेश में बच्चों में नैतिकता को लेकर अहम पहलुओं पर बात की है। इसके अलावा वे नमस्ते अफ्रीका और टाइम बुक लिख रहे हैं।