वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार को दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के लिए 81 गेंदों पर 92 रन की पारी खेली। उन्होंने 7 छक्के और 7 चौके लगाए। इसके साथ ही वैभव दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच यह सेमीफाइनल बेंगलुरु में खेला गया। सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 266 रन बनाए थे। जवाब में ईस्ट जोन ने भी 266 रन बनाए। 42 गेंदों पर फिफ्टी लगाई वैभव ने 42 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू करने वाले सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की। अर्धशतक तक पहुंचने के दौरान उन्होंने 5 चौके और 3 छक्के लगाए थे। इसके बाद भी उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए। हर्ष दुबे ने उन्हें आउट किया। 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने यह रिकॉर्ड 15 साल 175 दिन की उम्र में बनाया। उन्होंने लक्ष्मण सिंह का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। लक्ष्मण ने 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में फिफ्टी लगाई थी। दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वालों में वैभव के बाद लक्ष्मण सिंह और पीयूष चावला का नाम है। चावला ने 2005 में 16 साल 307 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। 161 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप वैभव ने ईस्ट जोन के लिए शानदार शुरुआत की। उन्होंने ओपनिंग पार्टनर अभिमन्यु ईश्वरन के साथ 161 रन की साझेदारी की। उनके आउट होने के बाद ईस्ट जोन की पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई। हर्ष दुबे ने वैभव को आउट करने के बाद अगली ही गेंद पर कुमार कुशाग्र को भी आउट कर दिया। इसके बाद अभिमन्यु ईश्वरन ने सुदीप घरामी के साथ 39 रन की साझेदारी कर पारी संभालने की कोशिश की। इसके बाद आर्यन पांडे, यश ठाकुर और हर्ष दुबे ने लगातार विकेट लेकर ईस्ट जोन को मुश्किल में डाल दिया। टीम ने अपने आखिरी 8 विकेट सिर्फ 66 रन के अंदर गंवा दिए। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन की पहली पारी बराबर ईस्ट जोन की पारी सेंट्रल जोन के 266 रन के जवाब में लड़खड़ा गई। इसके चलते दोनों टीमों की पहली पारी बराबरी पर रही और। सेंट्रल जोन की दूसरी पारी में भी शुरुआत अच्छी नहीं रही। मुकेश कुमार ने शुरुआती साझेदारी तोड़ी और फिर कप्तान रजत पाटीदार को 5 रन पर बोल्ड किया। आर्यन जुयाल को मोहम्मद शमी ने आउट किया। दिन का खेल खत्म होने तक सेंट्रल जोन का स्कोर 43/3 था। पहले दिन ईशान किशन को लगी थी चोट सेमीफाइनल के पहले दिन ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन के दाएं हाथ की कलाई पर गेंद लगी थी। चोट के कारण उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। ईशान की गैरमौजूदगी में वैभव ने करीब एक घंटे तक ईस्ट जोन की कप्तानी भी संभाली। लंच के आसपास वह टीम के स्टैंड-इन कप्तान रहे, जिसके बाद ईशान मैदान पर लौट आए। वैभव ने मैच में एक अहम DRS फैसले में भी भूमिका निभाई। सेंट्रल जोन के आर्यन जुयाल 46 रन पर थे, तब ईस्ट जोन की अपील पर वैभव ने रिव्यू का समर्थन किया। इसके बाद वैभव का फैसला सही साबित हुआ। क्वार्टर फाइनल में 2 विकेट लिए थे क्वार्टर फाइनल में वैभव बल्ले से सिर्फ 8 रन बना पाए थे। हालांकि, गेंदबाजी में उन्होंने 11 रन देकर 2 विकेट लिए थे। ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन को पारी और 210 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 2026 में 150+ छक्के लगा चुके सूर्यवंशी ने 2026 में टी-20 के साथ वनडे और रेड-बॉल क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया है। इस साल सभी फॉर्मेट और सभी मैचों को मिलाकर वे 150 से ज्यादा छक्के लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक 161 छक्के लगाए हैं, जिसमें IPL 2026 के 72 छक्के शामिल हैं। रिकल्टन-एलन 99 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका के रयान रिकल्टन और न्यूजीलैंड के फिन एलन ने 99-99 छक्के लगाए हैं। दोनों संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। मिचेल मार्श 95 छक्कों के साथ चौथे और भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन 89 छक्कों के साथ पांचवें नंबर पर हैं। 2026 में सूर्यवंशी के 3 शतक और 14 अर्धशतक वैभव ने 2026 में अब तक इंडिया अंडर-19, इंडिया ए, भारतीय टीम, राजस्थान रॉयल्स और दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए 41 मैचों की 41 पारियों में 2022 रन बनाए हैं। उनके नाम इस दौरान 3 शतक और 14 अर्धशतक हैं। फर्स्ट क्लास में ध्रुव पांडोव का रिकॉर्ड वैभव का यह रिकॉर्ड सिर्फ दलीप ट्रॉफी का है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में भारतीय बल्लेबाज के अर्धशतक और शतक का रिकॉर्ड ध्रुव पांडोव के नाम है। पांडोव ने 13 साल 10 महीने की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अर्धशतक लगाया था। वहीं, उन्होंने 14 साल 293 दिन की उम्र में पंजाब के लिए जम्मू-कश्मीर के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में शतक लगाया था। ध्रुव पांडोव का करियर बेहद कम उम्र में खत्म हो गया। 31 जनवरी 1992 को अंबाला में सड़क हादसे में 18 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी। तब तक उन्होंने पंजाब के लिए 23 फर्स्ट क्लास मैचों में 1,090 रन बनाए थे, जिसमें 2 शतक और 6 अर्धशतक शामिल थे। दूसरे सेमीफाइनल में तिलक वर्मा का शतक दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन और नॉर्थ जोन आमने-सामने हैं। नॉर्थ जोन ने पहली पारी में 195 रन बनाए थे। जवाब में साउथ जोन ने 40/2 से दूसरे दिन की शुरुआत की, लेकिन उसके विकेट लगातार गिरते गए और स्कोर 80/5 हो गया। इसके बाद तिलक वर्मा और श्रेयस गोपाल ने पारी संभाली। दोनों ने 50 से ज्यादा ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए 175 रन की साझेदारी की। अर्शदीप सिंह ने गोपाल को 88 रन पर आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। गोपाल के आउट होने के बाद भी तिलक वर्मा ने एक छोर संभाले रखा और अपना शतक पूरा किया। दिन का खेल खत्म होने तक साउथ जोन ने नॉर्थ जोन पर 90 रन की बढ़त हासिल कर ली थी और उसका एक विकेट बाकी था। --------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… BCCI ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर टीमों से राय मांगी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर IPL की सभी 10 फ्रेंचाइजियों से राय मांगी है। टीमों को सोमवार, 31 अगस्त तक अपनी राय देने को कहा गया है। कुछ महीने पहले बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने संकेत दिया था कि IPL 2026 के बाद इस नियम की समीक्षा की जाएगी।