शिक्षा निदेशक के निर्देशों के बावजूद प्रवेशोत्सव में लापरवाही पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। लूणकरणसर के बाद सोमवार को श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक में शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के औचक निरीक्षण में भारी खामियां मिलीं। नामांकन वृद्धि और ‘आउट ऑफ स्कूल’ बालकों के प्रवेश में शिथिलता पर कार्रवाई करते हुए महात्मा गांधी स्कूल (धीरदेसर चोटियान) के अनुपस्थित शिक्षक मोहम्मद रफीक तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (लिखमादेसर) के प्राचार्य लक्ष्मीकांत वर्मा के विरुद्ध 17 सीसीए के तहत कार्यवाही के निर्देश दिए गए। साथ ही एक प्राचार्य को नोटिस व एक व्याख्याता को निलंबित किया गया है। इधर, अतिरिक्त निदेशक शैलेंद्र देवड़ा ने पवनपुरी दक्षिण विस्तार और हाउसिंग बोर्ड स्थित महात्मा गांधी स्कूलों की व्यवस्थाएं जांची। बता दें कि 7 अप्रैल को लूणकरणसर में भी लापरवाही पर प्राचार्य सहित तीन कार्मिक निलंबित हुए थे। स्कूल छोड़ अन्य विभागों में काम, व्याख्याता निलम्बित
धीरदेसर चोटियान स्कूल में निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि व्याख्याता मुकेश कुमार झरवाल लंबे समय से उपखंड और तहसील कार्यालय में कार्यरत थे और विभाग के बार-बार निर्देशों के बावजूद स्कूल में जॉइन नहीं कर रहे थे। इसे गंभीर मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्कूल के प्राचार्य विजय कुमार को प्रवेशोत्सव सही ढंग से संचालित नहीं करने पर नोटिस दिया गया। सरकारी दफ्तरों में साहब नदारद, कमरों पर लटके मिले ताले, रजिस्टर भी नहीं मिले शिक्षा नगरी के सबसे बड़े प्रशासनिक केंद्र प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जयपुर से आई प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग (निरीक्षण) की टीम ने औचक दस्तक दी। शासन उप सचिव एवं अतिरिक्त निदेशक (निरीक्षण) सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में जब राज्य स्तरीय दल ने रजिस्टर खंगाले, तो अनुशासन की धज्जियां उड़ती मिलीं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हालात यह थे कि राजपत्रित वर्ग के 86 में से 58 अफसर गायब थे, जबकि अराजपत्रित वर्ग के 99 में से 67 कर्मचारी नदारद मिले। औसतन 67 फीसदी स्टाफ दफ्तर नहीं पहुंचा था। वहीं, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में भी करीब 81 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण अनुभागों पर ताले लटके होने के कारण टीम हाजिरी रजिस्टर तक जब्त नहीं कर सकी। प्रारंभिक निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) का निजी अनुभाग, कैशियर रूम और विभागीय जांच अनुभाग बंद मिले। माध्यमिक निदेशालय में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. सोनिया शर्मा और वित्तीय सलाहकार संजय धवन के कक्ष भी बंद पाए गए। दफ्तर खुले होने के बावजूद कुर्सियां खाली देख टीम ने कड़ी नाराजगी जताई। अब अनुपस्थित पाए गए इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभाग द्वारा बड़ी गाज गिरना तय माना जा रहा है। इनके कक्ष बंद मिले पीडब्ल्यूडी में भी आधे अधिकारी गायब
टीम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय का भी रुख किया। यहां भी सरकारी ढर्रे की वही तस्वीर दिखी। राजपत्रित वर्ग के 42 में से 22 (करीब 52%) और अराजपत्रित वर्ग के 113 में से 53 कर्मचारी गायब मिले।