शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले कोटगेट और सांखला फाटक पर अंडरपास निर्माण की बाधाएं दूर हो गई हैं। वर्षों पुरानी इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए बजट की कमी को दूर कर लिया है और वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए शुरुआत में 35 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे, लेकिन विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार कुल लागत 57 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। प्रशासन ने महज एक दिन पहले ही इस कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 22 करोड़ रुपए की मंजूरी प्राप्त कर ली है। कुल बजट में से लगभग 16 करोड़ रुपए जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे, जबकि शेष राशि बिजली, पानी और सीवरेज लाइनों की शिफ्टिंग में व्यय होगी। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने रणनीतिक निर्णय लिया है कि सबसे पहले कोटगेट साइड के अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। यदि दोनों फाटकों पर एक साथ काम शुरू होता, तो शहर की रफ्तार थम सकती थी। कोटगेट पर काम चलने के दौरान सांखला फाटक से ट्रैफिक चालू रहेगा, और कोटगेट का निर्माण पूरा होने के बाद ही सांखला फाटक का कार्य हाथ में लिया जाएगा। इससे आमजन को आवाजाही में कम से कम परेशानी होगी।