पुलिस ने शहर में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाली भावनगर (गुजरात) की ‘बंटी-बबली’ गैंग के चार चोरों व दिल्ली के एक खरीदार को गिरफ्तार किया है। गैंग के सदस्य दिन में कपड़े-बर्तन बेचने के बहाने रेकी करते और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। इस गैंग ने 15 दिन पहले 12 अप्रैल की रात सदर इलाके में स्थित विनायक ज्वैलर्स का गेट तोड़कर 14 किलो चांदी के बर्तन और आभूषण चुराए थे। वारदात के बाद चोरों ने साढ़े 10 किलो चांदी दिल्ली में 18 लाख रुपए में बेच दी और बाकी 3.5 किलो चांदी आपस में बांटकर फरार हो गए। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राकेश उर्फ राकला, रोशन उर्फ पावला, मनोज उर्फ मणिया, भावना उर्फ भाविका (रोशन की पत्नी) भावनगर (गुजरात) और खरीदार मनीष हलवदिया दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस ने चोरों से चांदी खरीदने वाले आरोपी मनीष हलवदिया के कब्जे से 10 किलो 475 ग्राम चांदी भी बरामद कर ली है। आरोपी रोशन ने वारदात में पत्नी भावना को भी शामिल कर रखा था। 10.5 किलो चांदी 18 लाख में दिल्ली में बेची, 3.5 किलो आपस में बराबर बांटी गिरोह में शामिल एक चोर मनोज दिल्ली में भी रहता है, जिसने वारदात के बाद दिल्ली के मनीष हलवदिया से संपर्क किया और 18 लाख रुपए में 10.5 किलो चांदी बेच दी। बाकी चांदी को चोरों ने आपस में बांट ली, जिसे रिकवर करने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर छापे मारे जा रहे है। खरीदार मनीष ने चांदी गला कर सिल्ली बना होटल में छिपा दी; मनीष ने चांदी को गलाकर सिल्ली बना दी। फिर गणेश विहार स्थित एक होटल में छिपा दी। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को होटल से पकड़ा। सिल्ली रिकवर की। आरोपी रोशन अपनी पत्नी भावना व अन्य आरोपी शहर के अलग-अलग मार्केट में दिन में कपड़े और बर्तन बेचने के बहाने घूमते। इस दौरान रैकी कर चोरी का टारगेट तय करते थे। गुजरात के इस गिरोह के खिलाफ जयपुर, रेवाड़ी, भिवानी, सीकर, कोटपूतली सहित कई शहरों में करीब दो दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। चोर डाल-डाल, पुलिस पात-पात; बीटीएस डेटा जुटाया, एनालिसिस कर दबोचा; एसीपी धर्मवीर और एसएचओ बृजमोहन कविया के नेतृत्व में टीमों ने सीसीटीवी फुटेज से पीछा किया और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर चोरों की पहचान की। अलग-अलग जगह छापे मारकर पांचों को पकड़ा। पुलिस ने कई जगह से बीटीएस डेटा जुटाकर एनालिसिस किया।