जिले के हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। बीते 6 महीनों में 525 गंभीर सड़क हादसों में 257 लोगों की मौत हुई, यानी करीब हर दूसरी दुर्घटना (48.95%) जानलेवा रही। औसतन हर महीने 87 हादसे और 42 से अधिक (42.83) मौतें दर्ज हो रही हैं। हादसों में सबसे ज्यादा प्रभावित युवा हैं। एमबी हॉस्पिटल के आंकड़ों के अनुसार 2025 में जनवरी से जून के बीच आए करीब 2000 घायलों में 50% की उम्र 20 से 32 वर्ष रही। आधार फाउंडेशन ट्रस्ट के सर्वे में रात 8 से 10 बजे को सबसे खतरनाक समय बताया गया, जब 24% हादसे हुए। समय का चक्र... रात 8 बजे के बाद शुरू होता है जानलेवा रफ्तार का खेल नियमों की अनदेखी से हादसे “युवाओं में तेज रफ्तार, लापरवाही और सुरक्षा नियमों (हेलमेट, सीटबेल्ट) की अनदेखी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। डेंजर ऑवर और डेथ ऑवर के आंकड़े बताते हैं कि रात के समय ड्राइविंग में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।” -भास्कर एक्सपर्ट - नारायण चौधरी, सीईओ, आधार फाउंडेशन